2018-09-29
A | A- | A+    

Business Wire


पर्किनएल्मर और डीबीटी- आइसीटी ने किया एक उन्नत हाई-थ्रूपुट स्क्रीनिंग सुविधा "एक्सप्लोरर™ जी 3 प्रोजेक्ट" का उद्घाटन

PerkinElmer, Inc. (1:00PM) 

Business Wire India

एक अधिक सेहतमंद दुनिया के लिए नवाचार करने को प्रतिबद्ध वैश्विक नेतृत्वकर्ता पर्किनएल्मर, इंक. ने डीबीटी-आइसीटी सेंटर फॉर एनर्जी बायोसाइंसेस, मुंबई में एक उन्नत हाई-थ्रूपुट स्क्रीनिंग सुविधा, "एक्सप्लोरTM जी 3 प्रोजेक्ट" शुरू करने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आइसीटी) के साथ हाथ मिलाए हैं। इस सुविधा का उद्घाटन विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले बायोटेक्नोलॉजी विभाग (डीबीटी) की सचिव और बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) की प्रबंध निदेशक डॉ. रेणु स्वरूप ने किया। उद्घाटन समारोह में कई अन्य गणमान्य हस्तियां और आधुनिक बायोलॉजिकल साइंसेस क्षेत्र के शोधकर्ता शामिल हुए।
 
नई अत्याधुनिक स्क्रीनिंग सुविधा में माइक्रोबियल स्क्रीनिंग और कैरेक्टराइजेशन अनुप्रयोगों के लिए जॉनस जी 3 लिक्विड हैंडलर, कॉलोनी पिकर, थर्मल साइक्लर, मल्टीमोड रीडर और ऑटोमेटेड इनक्यूबेटर जैसे विभिन्न उपकरणों के साथ एकीकृत पूर्णत: स्वचालित रोबोटिक प्रणाली होगी। इससे समग्र स्क्रीनिंग समय बहुत कम हो जाएगा और सभी कामकाज स्वचालित हो जाएंगे, जिससे अंतत: उत्पादकता बेहतर होगी।
 
इस अवसर पर डॉ. रेणु स्वरूप ने कहा, "यह सहयोग इंडस्ट्रिलयल सिंथेटिक बायोलॉजी के क्षेत्र में भारत की जगह बनाने की दिशा में एक और कदम होगा, जो शोधकर्ताओं और छात्रों को लाइफ साइंसेस और रिन्यूबल बायोलॉजिकल रिसर्च में उन्नत दक्षताएं विकसित करने में मदद करेगा।"
 
समारोह के दौरान डीबीटी-आइसीटी सेंटर फॉर एनर्जी बायोसाइंसेस के प्रमुख और प्रोफेसर डॉ. अरविंद एम. लाली ने "एक्सप्लोर TM जी 3 प्रोजेक्ट" पर वीडियो और "माइक्रोबियल सेल कल्टिवेशन, फेनोटाइपिक स्क्रीनिंग और एंजाइम इवॉल्युशन के लिए एक्सप्लोरर™ जी 3 वर्कस्टेशन" पर एप्लिकेशन नोट का अनावरण किया। इस अवसर पर आइसीटी के कुलपति प्रोफेसर जीडी यादव ने कहा, "डीबीटी-आइसीटी औद्योगिक जैव तकनीक के क्षेत्र में भारत के अग्रणी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में से एक के रूप में उभरा है। पर्किनएल्मर के सहयोग से अनुकूलित और निर्मित रोबोटिक प्लेटफॉर्म हमें अपने कामकाज को स्वचालित करने, अपशिष्ट से लिए गए कार्बन को जैव ईंधन तथा बायोकेमिकल्स जैसे उपयोगी उत्पादों में बदलने वाले माइक्रोऑर्गेनिज्म डिजाइन करने और बनाने की हमारी रफ्तार को बढ़ाएगा, जो कि हमारे देश के लिए बेहद जरूरी हैं।"
 
इस अवसर पर पर्किनएल्मर इंडिया की अध्यक्ष जयश्री ठाकर ने कहा, "पर्किन एल्मर में हम इस महत्वपूर्ण बायोफ्यूल अनुसंधान पहल को लेकर डीबीटी-आइसीटी के साथ मिलकर काम करके प्रसन्न हैं। यह पहल पर्किनएल्मर के रोबोटिक ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म - एक्सप्लोरर™ जी 3 एकीकृत वर्कस्टेशन की क्षमताओं का लाभ उठाती है।" उन्होंने यह भी कहा कि "पर्किनएल्मर विज्ञान को स्वचालित करने और वैज्ञानिक चुनौतियों पर काम करने में वैज्ञानिकों की मदद के लिए अभिनव तकनीकों और अनुप्रयोग विशेषज्ञता को एक साथ लाता है। हमारा अनुप्रयोग-केंद्रित, अनुकूलन-योग्य, एकीकृत रोबोट सिस्टम अनुसंधान वर्कफ़्लो को स्वचालित करने और बेहतर बनाने में मददगार होता है। डीबीटी-आइसीटी के साथ हमारे सहकार्य के जरिए हम अपने अनुप्रयोगों को बायो-एनर्जी के क्षेत्र में विस्तारित करने की उम्मीद करते हैं।"
 
पर्किनएल्मर इंडिया के विषय में
 
1981 से, पर्किनएल्मर ने भारत में ग्राहकों को उपकरण और सेवाएं प्रदान की हैं। ये डायग्नोस्टिक्स, फार्मास्युटिकल, खाद्य सुरक्षा, कृषि, रसायन, प्लास्टिक और ऑटोमोटिव सहित बाजारों की एक व्यापक श्रृंखला में फैले हुए हैं। कंपनी ने 2004 में भारत में प्रत्यक्ष संचालन की स्थापना की और वर्तमान में भारत में इसके 10,000 से अधिक ग्राहक और 450 से अधिक कर्मचारी हैं।
 
2016 की शुरुआत में, पर्किनएल्मर ने चेन्नई, तमिलनाडु में एक प्रयोगशाला आरंभ की। यह प्रयोगशाला प्रसवपूर्व और नवजात की अवस्थाओं की स्क्रीनिंग और उनके निदान में मदद करने वाली तकनीकों तक सुलभ पहुंच की बढ़ती जरूरतों पर प्रतिक्रिया के लिए शुरू की गई है। 2017 में, पर्किनएल्मर ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) पुणे में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जो शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए लाइफ साइंसेज का उन्नत ज्ञान हासिल करने की अग्रणी उपकरण सुविधा है।
 
पर्किनएल्‍मर, इंक. के विषय में
 
पर्किनएल्‍मर, इंक. एक वैश्विक अग्रणी है जोकि स्‍वस्‍थ संसारके लिए नवाचार करने पर केंद्रित है। कंपनी ने 2017 में लगभग 2.3 अरब डॉलर का राजस्‍व अर्जित किया और इसके तकरीबन 11,000 कर्मचारी 150 से अधिक देशों में ग्राहकों को सेवायें दे रहे हैं। यह एसएंडपी 500 इंडेक्‍स का घटक है। अतिरिक्‍त जानकारी 1-877-पीकेआइ-एनवाइएसई के जरिये अथवा www.perkinelmer.com पर उपलब्‍ध है।
 
डीबीटी-आइसीटी सेंटर फॉर एनर्जी बायोसाइंसेज के विषय में
डीबीटी-आइसीटी सेंटर फॉर एनर्जी बायोसाइंसेज (डीबी-आइसीटी-सीईबी) भारत में पहली एनर्जी बायोसाइंसेज सेंटर है और यह अपनी तरह का अनूठा सेंटर है जिसके पास एकीकृत बुनियादी और ट्रांसलेशनल विज्ञान सामर्थ्‍य है, जहां बुनियादी विज्ञान तकनीक से मिलता है और बायोप्रोसेस टेक्‍नोलॉजी और बायोइंजीनियरिग को नया आयाम देने के लिए एक-दूसरे के साथ मिश्रित हो जाता है। डीबी-आइसीटी-सीईबी का बायोलॉजिकल विज्ञान में एकीकृत शोध के लिए अनूठा स्‍थान है जिसे भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बायोटेक्‍नोलॉजी विभाग द्वारा वित्‍त पोषित किया जाता है। सेंटर की स्‍थापना दिसंबर 2008 में इंस्‍टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्‍नोलॉजी(आइसीटी), माटुंगा, मुंबई में हुई थी और इसमें 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर शुरुआती लागत आई थी। आइसीटी यूजीसी एक्‍ट 1956 की धारा 3 के तहत खुद एक डीम्‍ड विश्‍वविद्यालय है। सेंटर मुख्‍य रूप से भारत कीपेट्रोलियम ईंधनों पर बढ़ती निर्भरता और ग्रीनहाउस गैस उत्‍सर्जन को कम करने के लिए रिन्‍यूएबल संसाधनों से उर्जा बनाने के लिए बायोटेक्‍नोलॉजी का विकास करने पर केंद्रित है। अधिक पढ़ें- http://www.dbt-ceb.org/about-us.htm
 
businesswire.com पर सोर्स विवरण देखें : https://www.businesswire.com/news/home/20180927005977/en/
 
संपर्क :
पर्किनएल्‍मर, इंक.
मयंक श्रीवास्‍तव
Mayank.srivastava@perkinelmer.com
अथवा
आइसीटी-डीबीटी सेंटर फॉर एनर्जी बायोसाइंसेज, इंस्‍टीट्यूट ऑप्‍ केमिकल टेक्‍नोलॉजी
डॉ. एनाम्‍मा ए. ओडानेथ
a.dbtceb@gmail.com

घोषणा (अस्वीकरण): इस घोषणा की मूलस्रोत भाषा का यह आधिकारिक, अधिकृत रूपांतर है। अनुवाद सिर्फ सुविधा के लिए मुहैया कराए जाते हैं और उनका स्रोत भाषा के आलेख से संदर्भ लिया जा सकता है और यह आलेख का एकमात्र रूप है जिसका कानूनी प्रभाव हो सकता है।

India, Maharashtra, Mumbai