2018-08-17
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आईआरयू : ग्लोबल कस्टम्स ट्रांजिट सिस्टम – टीआईआर की पेशकश के बाद भारत ने व्यापार लक्ष्य बढ़ाए

IRU - International Road Transport Union (10:12AM) 

Business Wire India

भारत ने टीआईआर लागू किया, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सक्रिय करता है और देश की अंतरराष्ट्रीय व्यापार संभावनाओं को बेहतर करता है

भारत ने जब अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया तभी मल्टीमोडल और डिजिटल टीआईआर कस्टम्स ट्रांजिट सिस्टम पेश किया जाना देश की व्यापार और ट्रांजिट संभावनाओं के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए तैयार लगता है।
 
भारत में टीआईआर लागू किए जाने से देश के विकास की प्रभावशाली प्रगति का पता चलता है और इस नवीनतम उपलब्धि से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नए स्तर पर ले जाया गया है। अब माल को कई सारे ट्रेड कॉरीडोर से ले जाना आसान तथा ज्यादा कार्यकुशल होगा। इसमें ईरान के जरिए अंतरराष्ट्रीय उत्तर दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरीडोर (आईएनएसटीसी) शामिल है।
 
आईएनएसटीसी बाजारों को अंतरराष्ट्रीय पहुंच मुहैया कराता है। भारत को विस्तृत टीआईआर नेटवर्क से जोड़ता है। इनमें ईरान, अजरबैजान, रूस और मध्य एशिया शामिल हैं।
 
टीआईआर क्षेत्रीय मोटर वाहन करार को लागू करने में भी योगदान कर सकता है। इससे भारत को म्यामार और थाईलैंड के साथ बांग्लादेश से भी एकीकृत होने में सहायता मिलेगी।
 
द फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के डिप्टी सेक्रेट्री जनरल श्री निरंकार सक्सेना ने इस प्रक्रिया का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, : “क्षेत्रीय व्यापार के विस्तार की चुनौती परिवहन और कस्टम्स (सीमा शुल्क) प्रणाली का अनुकूल नहीं होना रही है – खासतौर से बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल (बीबीआईएन) उपक्षेत्र में। इन देशों को टीआईआर जैसा एक व्यावहारिक साधन चाहिए ताकि द्विपक्षीय और क्षेत्रीय़ परिवहन व्यवस्था को लागू किया जा सके और सामान को सीमा पार भेजना तथा वहां से मंगाना संभव किया जाए।”
 
उन्होंने आगे कहा, “हम सरकार के समर्थन और खासतौर से सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) तथा आईआरयू के साथ गठजोड़ के आभारी हैं जिससे टीआईआर को व्यवहार में लाने में सहायता मिली है।”
 
तेजी से टीआईआर को लागू किया जाना भी भारत द्वारा विश्व व्यापार संगठन के ट्रेड फैसिलिटेशन करार को लागू करने के लिहाज से अहम है।
 
आईआरयू के सेक्रेट्री जनरल अमबर्टो डी प्रेटो ने कहा, “टीआईआर सिस्टम को तेजी से स्वीकार करने और उसे परिचालन में लाने के लिए भारत के संसाधनों और परिवहन समुदाय को पूरी तरह सक्रिय किए जाने से हमलोग बेहद प्रभावित हैं। अब जब हम भारत के पड़ोसियों के बीच टीआईआर को अपनाने के लिए बढ़ावा देने पर ध्यान दे रहे हैं तो इसके लिए माहौल बन रहा है।”
 
गए साल भारत द्वारा टीआईआर सम्मेलन में शामिल होने से लेकर टीआईआर को राष्ट्रीय सीमाशुल्क मानक बनाए जाने से पहले सरकार तथा कारोबार क्षेत्र के अग्रणी लोगों ने मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई थी।
 
टीआईआर सिस्टम सीमाशुल्क और करों को सुरक्षित करता है और एक मजबूत गारंटी व्यवस्था मुहैया कराता है। इस तरह व्यापारिक लेन-देन की लागत कम होती है तथा क्षेत्र के अंदर और क्षेत्रों के बीच व्यापार का उच्च विकास संभव होता है।
 
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टीआईआर के बारे में
 
अंतरराष्ट्रीय सीमा से पार सामान लाने ले जाने के लिए टीआईआर एकमात्र ग्लोबल कस्टम्स ट्रांजिट सिस्टम है जो 60 साल से ज्यादा समय से व्यापार और विकास का समर्थन कर रहा है। टीआईआर का संचालन यूनाइटेड नेशंस टीआईआर कनवेंशन द्वारा किया जाता है और इसपर यूएनईसीई की नजर रहती है। इसका प्रबंध आईआरयू द्वारा किया जाता है। टीआईआर TIR stands for “ट्रांसपोर्ट्स इंटरनेशनॉक्स रुटियर्स (Transports Internationaux Routiers) के लिए लिखा जाता है। यह सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय कनवेंशनंस में एक है। टीआईआर से सीमा पार करना तेज, ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा कार्यकुशल होता होता है। इससे परिवहन की लागत कम होती है, व्यापार और विकास को बढ़ावा मिलता है।

आईआरयू के बारे में

आईआरयू दुनिया भर का सड़क परिवहन संगठन है जो लोगों और सामान की स्थायी आवाजाही के जरिए आर्थिक विकास, संपन्नता और सुरक्षा को बढ़ावा देता है। आईआरयू स्थापना 1948 में हुई थी और इसके सदस्य तथा गतिविधियां 100 से ज्यादा देशों में हैं। आईआरयू ने 1949 में टीआईआर की अवधारणा बनाई थी और आज तक सिस्टम का प्रबंध करता है।

स्रोत रूपांतर businesswire.com पर देखें : https://www.businesswire.com/news/home/20180815005071/en/
 
संपर्क :
आईआरयू – इंटरनेशनल रोड ट्रांसपोर्ट यूनियन
करेन मज्जोली
सीनियर मैनेजर – मीडिया और संचार, आईआरयू जीनिवा
+41-22-918 27 96 (डायरेक्ट)
+41-79-633 89 53 (मोबाइल)
karen.mazzoli@iru.org
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