2018-06-21
A | A- | A+    

Business Wire


बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने 'मेकिंग मार्केट्स वर्क फॉर द पुअर' विषय पर की पैनल चर्चा की मेजबानी

Bill & Melinda Gates Foundation (2:58PM) 

Business Wire India

Bill & Melinda Gates Foundation hosts panel discussion on ‘Making Markets work for the Poor’
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने 'मेकिग मार्केट्स वर्क फॉर पुअर' (बाजारों को गरीबों के काम करने के लायक बनाना) पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया। इस मुद्दे से जुड़ी चुनौतियों एवं अवसरों पर विचार-विमर्श करने के लिए कई विशेषज्ञ एवं विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी एकजुट हुये। इन पैनलिस्टों ने उत्पादों में नवीनता लाने, नियामक एव नीतिगत हस्तक्षेप करने, इससे जुड़े व्यापार मॉडलों एवं सामाजिक असमानताओं से निपटने और अन्य हस्तक्षेपों की दिशा में उठाये जाने वाले कदमों पर चर्चा की। यह सभी मिलकर एक पारितंत्र (लॉजिस्टिक्स) का निर्माण करेंगे और गरीबों तक सेवाओं की पहुंच ज्यादा तेजी से बनायेंगे ताकि वे गरीबी से ऊपर उठ सकें और एक बेहतर एवं उपयोगी जिंदगी जी सकें।

इस अवसर पर पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर; 'सेवा' की निदेशक सुश्री मिराई चटर्जी; आईएफपीआरआई के निदेशक डॉ. पी.पी. जोशी; कैलिडोफिन की सह-संस्थापक सुचरिता मुखर्जी; डलबर्ग के साझेदार श्री वरद पांडे और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री रॉजर वूरीज ने भारत को गरीबों के जीवन में सुधार करने से रोकने वाली बाजार की विफलताओं, और इसमें बदलाव लाने के उपायों पर चर्चा की।

पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने भारत में सफाई क्रांति के बारे में अपने विचार रखते हुये कहा, "सशक्त राजनीतिक प्रतिबद्धता के साथ, हमने खुले में शौच को सफलतापूर्वक कम किया है। यह 550 मिलियन से 150 मिलियन से कम के आकड़े पर आ गया है। भारत को खुले में शौच से मुक्त बनाना एक जन आंदोलन है- यह लोगों का आंदोलन है।"

मौजूदा बाजारों और खुले बाजारों के लिए नई तकनीकों और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य समाधानों हेतु रणनीतिक सुधार किए जाने की जरूरत पर बल देते हुए, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक रॉजर वूरीज ने कहा, "गरीबी को तब दूर किया जा सकता है जब बाजार, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी का प्रवाह और विनामकीय मैकेनिज्म महिलाओं और लड़कियों सभी के लिए कारगर होगा। जब ये प्रणालियां सभी के लिए अच्छी तरह काम करती हैं, तो वे ठोस आधार प्रदान करती हैं, जिससे व्यक्ति, परिवार और समुदाय गरीबी से उबर सकते हैं और दौलत बना सकते हैं। हमें समान पहुंच और विकास की राह में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार के साथ साझेदारी कर प्रसन्नता हो रही है।"

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन उन समस्याओं के समाधानों पर केंद्रित है, जो दुनिया के बेहद गरीब लोगों के स्वास्थ्य और खुशहाली को सबसे गंभीर रूप से संकट में डालते हैं। इस फाउंडेशन का ग्लोबल ग्रोथ एंड अपॉर्च्‍युनिटी (जीजीओ) डिवीजन वित्तीय, तकनीकी, आधारभूत संरचना, विनियामक और सामाजिक प्रणालियों को बेहतर बनाने में मदद करता है और इस मिशन को आगे बढ़ाने का काम करता है। ये वो सुधार हैं, जो गरीबों, खासतौर पर सबसे गरीब महिलाओं और बालिकाओं को अपनी अर्थव्यवस्था और अपने समाज में पूरी तरह से हिस्सा लेने में सक्षम बना सकते हैं।

संपादक के ध्यानार्थ

पैनल की मेजबानी गेट्स फाउंडेशन के इंडिया प्लेटफॉर्म 'अक्ष' के तहत की गई थी, जिसका लक्ष्य स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक विकास की दिशा में देश के समक्ष खड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी ज्ञान और विशेषज्ञता उपलब्ध कराना है।

India, Delhi, New Delhi