2018-06-08
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अनु और नवीन जैन ने लीफ वेयरबल्स को 1 मिलियन डॉलर वुमेंस सेफ्‍टी एक्‍सप्राइज का ग्रैंड प्राइज विजेता घोषित किया

XPRIZE (3:53PM) 

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अनु और नवीन जैन ने न्यूयॉर्क सिटी में संयुक्त राष्ट्र संघ में लीफ वेयरबल्स को 1 मिलियन डॉलर अनु एवं नवीन जैन वुमेंस सेफ्‍टी एक्‍सप्राइज का ग्रैंड प्राइज विजेता घोषित किया।
 
आंत्रप्रेन्योर और परोपकारी, अनु और नवीन जैन ने एक्सप्राइज मंच का इस्तेमाल करके तकनीक का सहारा लेते हुए महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा की दिशा में काम करने के लिए 1 मिलियन डॉलर का पुरस्कार स्थापित किया था। एक्सप्राइज मानवता की बड़ी चुनौतियों को सुलझाने के लिए प्रोत्साहनकारी प्रतिस्पर्धाओं की रूपरेखा तैयार करने में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है। 2016 में शुरू किया गया यह पुरस्कार दुनियाभर के अन्‍वेषणकर्ताओं को एक ऐसा उपकरण बनाने की चुनौती देता है, जो किसी महिला के सामने खतरा आने पर बगैर हो-हल्ला मचाए एक आपातकालीन चेतावनी दे सके और सामुदायिक जवाबदेहों के नेटवर्क तक सूचना प्रसारित कर सके। चुनौती यह भी है कि ये सब महज 90 सेकंड के अंदर हो जाना चाहिए और उपकरण की कीमत 40 डॉलर के भीतर होनी चाहिए।
 
"सुरक्षा एक मौलिक मानव अधिकार है और इसे महिलाओं के लिए कोई विलासिता की चीज नहीं माना जाना चाहिए। यह लैंगिक समानता हासिल करने की बुनियाद है।" यह कहना था समाजसेवी और विमंस सेफ्टी एक्सप्राइज की संस्थापक अनु जैन का। उन्होंने कहा, "आज नवाचार और प्रौद्योगिकी में इतनी प्रगति हो चुकी है। ऐसे में हमारे लिए यह बिल्कुल अस्वीकार्य था कि हमारे पास यौन उत्पीड़न की सर्वव्यापी समस्या की रोकथाम में मदद के लिए कोई समाधान न हो। हम विजेता टीम को बधाई देते हैं और उन सभी टीमों के प्रति आभार जताते हैं, जिन्होंने मानवता को आगे बढ़ाने के लिए अभिनव समाधान तलाशने में जी-जान से काम किया।"

लीफ वेयरबल्स टीम के नेतृत्वकर्ता माणिक मेहता ने कहा, "हम तकनीक के प्रयोग से सुरक्षा संबंधी समस्या को हल करने के लिए अथक रूप से काम कर रहे हैं। एक अरब परिवारों को सुरक्षित बनाने का हमारा मिशन रहा है। अनु और नवीन जैन वुमेंस सेफ्टी एक्सप्राइज ने हमें अपने मिशन की दिशा में काम जारी रखने और दुनिया को जीने, सीखने व काम करने के लिए एक अधिक सुरक्षित स्थान बनाने हेतु न सिर्फ प्रोत्साहन दिया, बल्कि इस पर ध्यान केंद्रित करने में मदद भी की है।"
 
"महिला सुरक्षा सिर्फ तीसरी दुनिया की समस्या नहीं है। हम इससे अपने देश और हमारे कॉलेज परिसरों में हर दिन दो-चार होते रहते हैं। यह महज रिपब्लिकन अथवा डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन करने वाले राज्यों की नहीं, बल्कि पूरे देश की समस्या है।" यह कहना था परोपकारी और विमंस सेफ्टी एक्सप्राइज के सह-संस्थापक नवीन जैन का। उन्होंने आगे कहा, "हम विजेता समाधान की घोषणा करते हुए रोमांचित हैं और हमें यकीन है कि प्रतिस्पर्धा करने वाली सभी टीमें दुनियाभर के लाखों समुदायों को अपने सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई विकल्प और टूल्स उपलब्ध कराएंगी।"
 
इस अवसर पर एक्सप्राइज के संस्थापक और सीईओ डॉ. पीटर एच. डायमंडिस ने कहा, "अपनी परिकल्पना को अमलीजामा पहनाने और दुनिया में एक महत्वपूर्ण खोज और विकास को गति देने के लिए अनु और नवीन जैन को बधाई। उनके इस परोपकारी काम में मदद करना और जनसमूह को दुनियाभर में निजी और सामुदायिक सुरक्षा में बड़ा बदलाव लाने के लिए प्रोत्साहित करना हमारे लिए खुशी की बात थी। मैं लीफ वेयरबल्स सहित वुमेंस सेफ्टी एक्सप्राइज में मुकाबला करने वाली तमाम टीमों को भी बधाई देना चाहता हूं। विजेता समाधान को समुदायों और कॉलेज परिसरों में कारगर ढंग से कार्य करते देखकर हमें यह साबित करने में मदद मिली है कि अहम समाधान सीमाओं से परे होते हैं और त्वरित तकनीक सार्वभौमिक सुरक्षा जैसे हमारे सबसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर मानवता को सहारा देने में सहायता कर सकती है।"
 
इस प्रतिस्पर्धा ने दुनियाभर के अन्‍वेषणकर्ताओं को उपयोगकर्ताओं को खतरों पर त्वरित प्रतिक्रिया में सक्षम बनाने वाले एक किफायती और व्यावहारिक उपकरण के विकास की चुनौती दी थी। संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, स्विट्जरलैंड, कनाडा, स्पेन, जर्मनी, चीन और संयुक्त अरब अमीरात समेत 18 देशों की अलग-अलग 85 प्रारंभिक टीमों ने इस आह्वान पर चुनौती स्वीकार की थी। सभी प्रतिस्पर्धी टीमों में ऐप डेवलपर्स, तकनीकी शोधकर्ता, शीर्ष अकादमिक संस्थान और स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर महिलाओं के लिए सुरक्षा की दिशा में जुटे हुए थे।
 
इनमें से अंतिम पांच समाधानों को यह देखने के लिए परखा गया कि विभिन्न परिवेशों और माहौल में उपकरण कितने अच्छे ढंग से कारगर हो सकते हैं। ऐसी जगहों में बहुमंजिला कार्यालय भवन, कॉलेज परिसर, सार्वजनिक परिवहन और घर शामिल थे। इन उपकरणों में इमरजेंसी अलर्ट देने वाली स्मार्ट ज्वेलरी से लेकर अन्य पहनने योग्य चीजें थीं, जो शारीरिक हाव-भाव को ताड़कर और आवाज पहचानकर आपातकाल की सूचना देती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतिम रूप से चुनी गई टीमों के सभी समाधान उन क्षेत्रों में काम करते हैं, जहां मोबाइल फोन का कनेक्‍शन नहीं है।
 
ग्रैंड प्राइज विजेता (1 मिलियन अमेरिकी डॉलर)

लीफ वियरेबल्‍स का सेफर प्रो (नई दिल्ली, भारत) - माणिक मेहता के नेतृत्व में विकसित यह एक स्मार्ट सुरक्षा उपकरण है, जो खतरे का अंदेशा होने पर उपयोगकर्ताओं के संरक्षकों को उस स्थान के बारे में विवरण के साथ आपातकालीन चेतावनियां (अलर्ट) भेजता है। सेफर प्रो एक छोटी-सी चिप है, जिसे एक आपातकालीन अलर्ट बटन के साथ किसी भी डिवाइस या गहने में लगाया जा सकता है। जब अलर्ट मिल जाता है, तो यह आपको अलर्ट के समय से ऑडियो रिकॉर्ड करने की अनुमति भी देता है।

अन्य फाइनलिस्ट्स
आर्टेमिस (लॉज़ेन, स्विट्जरलैंड) - डॉ. नाइसी श्रीवास्तव के नेतृत्व में आर्टेमिस एक ऐसे उपकरण का विकास कर रहा है, जिसका इस्तेमाल न केवल एक इशारा करके, बल्कि भावनात्मक खतरे के स्तर को सहज रूप से ट्रैक करके भी चेतावनी भेजने के लिए किया जा सकता है।
निम्‍ब एंड सेफट्रेक (लॉस अल्टोस, कैलिफोर्निया और सेंट लुइस, मिसौरी, संयुक्त राज्य अमेरिका) - लियो बेरेशांस्की और निक ड्रोएज के नेतृत्व में निंब और सेफट्रेक मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि वे अपने ग्राहकों को महज अंगूठे के स्पर्श के जरिए पेशेवर आपातकालीन सेवाओं के लिए कॉल करने का विकल्प प्रदान कर सकें। कंपनी की स्थापना परिसर के भीतर और उसके बाहर सुरक्षा संबंधी बढ़ती चिंताओं के जवाब में की गई थी। दोनों टीमें दुनिया को एक अधिक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए मिलकर काम करती हैं।
सैफ्रॉन (बेलेव्यू, डब्‍लूए, संयुक्त राज्य अमेरिका; त्सिंगहुआ, चीन) - निकोलस बेकर के नेतृत्व वाला सैफ्रॉन ग्लोबल इनोवेशन एक्स-चेंज (जीआईक्स) के माध्यम से यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन और त्सिंगहुआ विश्वविद्यालय के बीच एक सहकार्य है, जो पहनने योग्य सेंसर और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम विकसित करने पर केंद्रित है, ताकि दुनियाभर में महिलाओं के कल्याण और उनकी सुरक्षा बेहतर बनाने वाली ऐसी तकनीकें निर्मित की जा सकें, जो सामान्यत: छुपी रहती हैं और नजर नहीं आतीं।
सोटेरा (बेथलहम, पीए, संयुक्त राज्य अेरिका) - लेना मैकडॉनेल के नेतृत्व में, सोटेरा ने महिलाओं को आपातकालीन सहायता प्रणालियों से जोड़ने के लिए बहुमुखी, भरोसेमंद और किफायती नेटवर्क बनाने हेतु ग्लोबल पोजिशनिंग सर्विस, सेलुलर डेटा और ब्लूटूथ का संयोजन किया है।

अनु जैन ने कहा, "एक्सप्राइज के माध्यम से हमने लंबी छलांग लगाकर बढ़ने वाले प्रभाव और महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा को व्यापक व त्वरित बनाने वाली अहम समाधानपरक खोजों को गति देने के लक्ष्य के साथ परोपकारी प्रयास किए। दुनिया में जो भी एक बड़ा अंतर पैदा करना चाहता है, हमें उसे कदम आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बनाने की जरूरत है।"
 
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अनु और नवीन जैन के विषय में

अनु और नवीन जैन दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डालने के इरादे से प्रेरित आंत्रप्रेन्योर और परोपकारी हैं। नवीन कई कंपनियों के संस्थापक हैं, जिनमें मून एक्सप्रेस, वायोम, ब्लूडॉट, टैलेंटवाइज, इंटेलियस और इन्फोस्पेस शामिल हैं। अनु इन्फोस्पेस की सह-संस्थापक हैं और वायोम में सामुदायिक संपर्क विभाग का नेतृत्व करती हैं। वे दुनियाभर में बालिकाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित कई मंडलों में शामिल हैं।

चाहे वह रोग को वैकल्पिक बनाने और स्वास्थ्य देखभाल को सभी की पहुंच में लाने के लक्ष्य की दिशा में काम हो या मानवता को बहु-ग्रहीय समाज बनाने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास, अनु और नवीन जैन नवाचार के जरिए दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके संयुक्त परोपकारी कार्यों को कई सम्मानों से नवाजा गया है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र में "ह्यूमैनिटेरियन इनोवेशन अवॉर्ड", "टाउन एंड कंट्री फिलैंथ्रोपिस्ट ऑफ द ईयर" और अमेरिका के लिए उनकी उपलब्धियों और प्रेरणास्पद सेवाओं के चलते मिला 2018 "एलिस आइलैंड मेडल ऑफ ऑनर" विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
 
अनु संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़े बच्चे के रूप में यरूशलम, इजराइल और कई अलग-अलग देशों में पली-बढ़ी हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी बीएस और एमबीए डिग्री के लिए अमेरिका का रुख किया। नवीन भारत में बड़े हुए और फिर अमेरिका चले गए। वहां वे एक सफल उद्यमी बने। वर्तमान में वे स्वास्थ्य, शिक्षा और भोजन की विपुलता के लक्ष्य के साथ मूनशॉट्स (चांद पर जाने वाले अंतरिक्ष विमानों की शुरुआत) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इन दोनों के तीन बच्चे हैं। वे सभी उद्यमी हैं और दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए सक्रिय हैं।

एक्‍सप्राइज के विषय में

एक्‍सप्राइज, 501(सी)(3) गैरलाभकारी, दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों को हल करने के लिए खोजपरक प्रतिस्‍पर्धी मॉडलों की डिजाइनिंग एवं कार्यान्‍वयन में वैश्विक अग्रणी है। एक्‍सप्राइज हमारे विश्‍व द्वारा झेली जाने वाले सबसे बड़े चुनौती क्षेत्रों में 10x (vs. 10%) प्रभाव लाने के लिए फॉर्मूला के तौर पर गेमिफिकेशन, क्राउड-सोर्सिंग, इंसेंटिव प्राइज सिद्धान्‍त और बेहतरीन तकनीकों के अनूठे संयोजन का इस्‍तेमाल करती है। एक्‍सप्राइज का सिद्धान्‍त है कि – सही परिस्थितियों में, सबसे बड़ी चुनौतियों को लेकर सबसे बेहतर प्रभाव एवं समाधानों को बढ़ावा देने के लिए विविध लेंसों से तेज प्रयोग करने की आग को जलाना सबसे दक्ष एवं असरदार विधि है। सक्रिय प्रतिस्‍पर्धाओं में शामिल हैं –लुनर एक्‍सप्राइज, 20 मिलियन डॉलर की एनआरजी कोसिया कार्बन एक्‍सप्राइज, 15 मिलियन डॉलर की ग्‍लोबल लर्निंग एक्‍सप्राइज, 10 मिलियन डॉलर का एएनए अवतार एक्‍सप्राइज, 7 मिलियन डॉलर की शेल ओशन डिस्‍कवरी एक्‍सप्राइज, 7 मिलियन डॉलर की बारबरा बुश फाउंडेशन एडल्‍ट लिट्रेसी एक्‍सप्राइज, 5 मिलियन डॉलर की आइबीएम वाटसन एआइ एक्‍सप्राइज, 1.75 मिलियन डॉलर की वाटर एबन्‍डेंस एक्‍सप्राइज और 1 मिलियन डॉलर की अनु एवं नवीन जैन वुमेंस सेफ्‍टी एक्‍सप्राइज। अधिक जानकारी के लिए देखें www.xprize.org/.

businesswire.com पर सोर्स विवरण देखें : https://www.businesswire.com/news/home/20180607005019/en/
 
संपर्क :
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ईफ वीका एवं मेगान थॉमस
jainxprize@factorypr.com
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एक्‍सप्राइज
एरिक देसातनिक
eric@xprize.org

घोषणा (अस्वीकरण): इस घोषणा की मूलस्रोत भाषा का यह आधिकारिक, अधिकृत रूपांतर है। अनुवाद सिर्फ सुविधा के लिए मुहैया कराए जाते हैं और उनका स्रोत भाषा के आलेख से संदर्भ लिया जा सकता है और यह आलेख का एकमात्र रूप है जिसका कानूनी प्रभाव हो सकता है।

United States, New York, HAWTHORNE

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