2018-01-31
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ऐतिहासिक शोध ने गेस्‍टेशनल डायबीटिज से पीड़ित महिलाओं के लिए पिस्‍ता के स्‍वास्‍थ्‍य लाभों का खुलासा किया

American Pistachio Growers (2:40PM) 

Business Wire India

इम्‍पेयर्ड ग्‍लूकोज इनटॉलरेंस ड्यूरिंग गेस्‍टेशन (जीआइजीटी) अथवा गेस्‍टेशनल डायबिटीज मेलिटस (जीडीएम) –जिन्‍हें आमतौर पर गेस्‍टेशनल मधुमेह से जाना जाता है, से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में किये गये नये अध्‍ययन के परिणामों में पता चला है कि पिस्‍ता खाने से रक्‍त शर्करा के स्‍तर को प्रबंधित किया जा सकता है। यह पहला अध्‍ययन है जिसमें जीडीएम या जीआइजीटी से ग्रस्‍त गर्भवती महिलाओं में यह मूल्‍यांकन किया गया कि पिस्‍ता खाने के बाद उनका ग्‍लूकोज रिस्‍पांस क्‍या रहता है। इन आंकड़ों को शिकागो, इलियोनिस में एकेडमी ऑफ न्‍यूट्रीशन एंड डायटेटिक्‍स 2017 फूड एंड न्‍यूट्रीशन कॉन्‍फ्रेंस एवं एक्‍स्‍पो में प्रस्‍तुत किया गया।

मधुमेह एक स्‍थायी बीमारी है जोकि दुनिया भर1 में 422 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करती है। गेस्‍टेशनल डायबिटीज मेलिटस (जीडीएम) एक प्रकार का मधुमेह है जोकि गर्भवती महिलाओं में होता है जिन्‍हें पहले मधुमेह2 नहीं था। दूसरे प्रकार के मधुमेह की ही तरह, यह शरीर किस प्रकार रक्‍त शर्करा3,4  का इस्‍तेमाल करता है, उसे प्रभावित करता है। इम्‍पेयर्ड ग्‍लूकोज इनटॉलरेंस ड्यूरिंग गेस्‍टेशन (जीआइजीटी) तब होता है जब गर्भावस्‍था के दौरान शरीर हार्मोन में होने वाले बदलावों के कारण रक्‍त ग्‍लूकोज के स्‍तर को सामान्‍य रूप से नियमित करने में अक्षम होता है। रक्‍त ग्‍लूकोज का स्‍तर ग्‍लूकोज चुनौती के बाद सामान्‍य स्‍तर से काफी बढ़ जाता है। लेकिन यह इतना अधिक नहीं होता कि मधुमेह की जांच की जा सके। शिशु का जन्‍म होने के बाद, यह ठीक हो जाता है, लेकिन जीडीएम या जीआइजीटी से पीड़ित महिलाओं को मधुमेह होने का ज्‍यादा खतरा होता है।

इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ डायबिटीज एंड प्रेग्‍नेंसी स्‍टडी ग्रुप्‍स (आइएडीपीएसजी) द्वारा 2010 में स्‍थापित नवीनतम जांच मानदंड के मुताबिक, जीडीएम की मौजूदगी समूचे विश्‍व में 9.8-25.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।

शेंग गी, शंघाई, चीन में शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी में सिक्‍स्‍थ पीपुल्‍स हॉस्पिटल जहां अध्‍ययन संचालित किया गया, में एम.डी., प्रमुख जांचकर्ता, प्रमुख डॉक्‍टर एवं निदेशक ने कहा, "हमारे अध्‍ययन में पहली बार बताया गया है कि पिस्‍ता खाने से उन महिलाओं को अपना रक्‍त शर्करा का स्‍तर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है जिन्‍हें गेस्‍टेशनल मधुमेह है। इसके परिणाम दर्शाते हैं कि गेस्‍टेशनल मधुमेह से पीड़ित महिलाओं के लिए पिस्‍ता स्‍मार्ट खाद्य विकल्‍प हो सकता है जोकि अपनी बीमारी को प्रबंधित करना चाहती हैं।"

इस अध्‍ययन में, गेस्‍टेशनल मधुमेह से पीड़ित 30 महिलाओं (सभी 24 से 28 गेस्‍टेशनल सप्‍ताह) को रात भर भूखा रहने के बाद अचानक या तो 42 ग्राम पिस्‍ता (लगभग एक तिहाई कप, या 1 ½ सर्विंग्‍स) या फिर 100 ग्राम होल व्‍हीट ब्रेड (दो स्‍लाइस) खाने के लिए कहा गया। कैलोरीज के लिए पिस्‍ता और होल व्‍हीट ब्रेड का मिलान किया गया था। रक्‍त शर्करा और जीएलपी-1, इंसुलिन बनाने वाले एक प्रमुख हार्मोन5, का भोजन के बाद हर 30 मिनट बाद 120 मिनट तक मापन किया गया। सात दिनों के बाद इन समूहों की अदला-बदली की गई।

पिस्‍ता खाने के 30 मिनट, 60 मिनट, 90 मिनट और 120 मिनट के बाद रक्‍त शर्करा का स्‍तर उल्‍लेखनीय रूप से कम पाया गया। यह होल व्‍हीट ब्रेड खाने के बाद के रक्‍त शर्करा स्‍तर से भी कम था। दरअसल, पिस्‍ता खाने के बाद रक्‍त शर्करा के स्‍तर की तुलना बेसलाइन स्‍तर से की गई थी। इसके अतिरिक्‍त, होल व्‍हीट ब्रेड की तुलना में पिस्‍ता खाने के 60 मिनट, 90 मिनट और 120 मिनट बाद जीएलपी-1 स्‍तर काफी अधिक था।

इंसुलिन के स्‍तर पर प्रभाव और अधिक नाटकीय था। पिस्‍ता खाने के बाद दो घंटे के दौरान ब्‍लड इंसुलिन के स्‍तर में कोई बढ़ोतरी नही देखी गई। एक बार फिर, महिलाओं के दोनों समूहों में होल व्‍हीट ब्रेड खाने की तुलना में पिस्‍ता खाने के बाद हर बार ब्‍लड इंसुलिन के स्‍तर में न्‍यनूतम वृद्धि देखी गई।

झाओपिंग ली, एमडी, एक और जांचकर्ता एवं मेडिसिन के प्रोफेसर, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, लॉस एंजलिस में नैदानिक पोषण विभाग के प्रमुख, ने कहा, "गर्भावस्‍था के दौरान रक्‍त शर्करा का बढ़ना न सिर्फ मां के स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित करता है बल्कि यह बच्‍चे में भी मधुमेह6 विकसित होने के खतरे को भी बढ़ा देता है। यह अध्‍ययन दर्शाता है कि इस महत्‍वपूर्ण समय में मां और बच्‍चे को सभी आवश्‍यक पोषक तत्‍व प्रदान करने के दौरान, रक्‍त शर्करा के स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक स्‍तर को बरकरार रखने के लिए आहार में पिस्‍ता को शामिल करना लाभकारी हो सकता है।"

डॉ. ली ने बताया, "समग्र भोजन के समाधानों को देखकर आकर्षक लग रहा है जोकि मरीजों को भी अच्‍छे लगते हैं। यह मधुमेह जांच के परिणामस्‍वरूप डॉक्‍टर द्वारा बताये गये आहार के साथ काफी हद तक अनुपालन करते हैं। यह ऐसा खाद्य होता है जिसका वे आनंद उठाते हैं।"

पिस्‍ता में न्‍यून ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स (जीआइ) होता है और इसमें उच्‍च मात्रा में फाइबर, स्‍वस्‍थ वसा, एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इनफ्‍लैमेटरी फाइटोन्‍यूट्रिएंट्स होते हैं। ये सभी तत्‍व मधुमेह7  से पीड़ित लोगों को फायदा करते हैं। भोजन खाने के बाद, पिस्‍ता को जब कार्बोहाइड्रेट से प्रचुर भोजन में मिलाया जाता है तो खाने से रक्‍त शर्करा के स्‍तर पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है और यह रक्‍त शर्करा8 में किसी भी प्रकार की वृद्धि को कम करने में मदद करते हैं। 

इस अध्‍ययन में इस्‍तेमाल किये गये पिस्‍तों को संयुक्‍त राष्‍ट्र में उगाया गया था।

इस अध्‍ययन को अमेरिका के कृषि विभाग और अमेरिकन पिस्तियाचो ग्रोअर्स जोकि एक गैर-लाभकारी व्‍यापार संगठन है और पश्चिमी अमेरिका में 700 से अधिक सदस्‍य उत्‍पादकों का प्रतिनिधित्‍व करता है, का समर्थन प्राप्‍त था। आंकड़ों के संग्रहण, विश्‍लेषण अथवा विवेचना में किसी भी वित्‍त पोषित स्रोत ने कोई भूमिका नहीं निभाई है।

अमेरिकन पिस्तियाचो ग्रोअर्स के विषय में
अमेरिकन पिस्तियाचो ग्रोअर्स एक स्‍वैच्छिक व्‍यापार संगठन है जोकि 800 से अधिक सदस्‍यों का प्रतिनिधित्‍व करता है। यह सदस्‍य कैलिफोर्निया, एरिजोना और न्‍यू मेक्सिको में पिस्‍ता की खेती करने वाले, प्रोसेसर्स और उद्योग साझीदार हैं। अध्‍ययन पर अधिक जानकारी और अमेरिका में उगाये गये पिस्‍ता के पोषण प्रोफाइल के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें www.AmericanPistachios.org
1http://www.who.int/diabetes/global-report/en/
2https://www.cdc.gov/pregnancy/diabetes-gestational.html
3https://www.cdc.gov/diabetes/basics/diabetes.html
4http://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/gestational-diabetes/basics/definition/con-20014854
5http://care.diabetesjournals.org/content/34/Supplement_2/S279
6http://www.idf.org/about-diabetes
7 हर्नेन्‍डेज- एलोन्‍सो पी, बुल्‍लो एम, सालस- सैल्‍वेडो जे. पिस्‍तैचियोज फॉर हेल्‍थ. व्‍हॉट डु वी नो एबाउट दिस मल्‍टीफेसेटेड नट? न्‍यूट्रिशन टुडे 51(3):133-‐1382016 डीओआइ: 10.1097/एनटी.0000000000000160
8 केन्‍डेल सीडब्‍ल्‍यू, जोस एआर, एस्‍फहानी ए, जेन्किन्‍स डीजे. पोस्‍ट-प्रैन्‍डियल ग्‍लाइसेमिया पर पिस्‍ता को अकेले खाने या उच्‍च-कार्बोहाइड्रेट फूड्स के साथ मिलाकर इसका सेवन करने के प्रभाव। यूर जे क्लिन न्‍यूट्रशिन 2011;65(6):696–702. [पबमेड]. [PubMed]

businesswire.com पर सोर्स विवरण देखें: http://www.businesswire.com/news/home/20180128005035/en/
 
संपर्क:
अमेरिकन पिस्तियाचो ग्रोअर्स
जूडी हिरिगोयेन, 559-475-0435
JHirigoyen@AmericanPistachios.org 

घोषणा (अस्वीकरण) : इस घोषणा की मूलस्रोत भाषा का यह आधिकारिक, अधिकृत रूपांतर है। अनुवाद सिर्फ सुविधा के लिए मुहैया कराए जाते हैं और उनका स्रोत भाषा के आलेख से संदर्भ लिया जा सकता है और यह आलेख का एकमात्र रूप है जिसका कानूनी प्रभाव हो सकता है।

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