2017-10-04
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आइईईई द्वारा असंपर्कशील को संपर्कशील बनाने के लिए 'इंटरनेट इनक्‍लूजन : एडवांसिंग सॉल्‍यूशंस—इंडिया' का आयोजन

IEEE (7:00PM) 

Business Wire India

आइईईई, मानवीयता के लिए तकनीकी प्रगति के प्रति समर्पित दुनिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी पेशेवर संगठन, ने आज इंटरनेट इनक्‍लूजन: एडवासिंग आइईईई इंटरनेट इनीशिएटिव सॉल्‍यूशंस-इंडिया (Internet Inclusion: Advancing Solutions—India) की घोषणा की है। इसका आयोजन 6 अक्‍टूबर को आइटीसी मौर्या नई दिल्‍ली में आइईईई इंटरनेट इनीशिएटिव (IEEE Internet Initiative) द्वारा किया जा रहा है। यह 23-24 नवंबर को नई दिल्‍ली में होने वाले साइबरस्‍पेस 2017 पर वैश्विक सम्‍मेलन (Global Conference on Cyberspace 2017) (जीसीसीएस) से पूर्वका एक कार्यक्रम है। जीसीसीएस डिजिटल प्रजातांत्रिकरण को बरकरार रखने, सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अधिकतम सहयोग करने और डिजिटल कूटनीति के लिए वार्ता की वकालत करने के लिए समावेशन, स्‍थायीपूर्णता, विकास, सुरक्षा एवं आजादी, तकनीकी एवं साझेदारियों के लिए नीतियों एवं ढांचे पर केंद्रण के साथ एक समावेशी साइबरस्‍पेस को बढ़ावा देता है।
 
सुबह में होने वाली गोलमेज वार्ता
 
अपने 6 अक्‍टूबर के कार्यक्रम में, आइईईई दो बाइ-इनविटेशन सत्रों का आयोजन करेगा। इसमें सुबह के समय “डिजिटल इंडिया” (Digital India) की निगरानी समिति के उच्‍च स्‍तरीय सरकारी अधिकारियों और विभिन्‍न एजेंसियों के बीच एक गोलमेज चर्चा शामिल है। इसमें “भारत को डिजिटली सशक्‍त समाज एवं ज्ञानवर्धक अर्थव्‍यवस्‍था में बदलने के विजन के साथ भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रम” को समर्थ बनाया जायेगा।
 
चर्चा के लिए अन्‍य विषयों में शामिल हैं- इंटरनेट समावेशन के वादे को परिभाषित करना और इसे पूरा करना; डिजिटल समावेशन के जरिये ज्ञान के नेटवर्क का विस्‍तार करना; व्‍यावसाय, विकास संगठनों, सरकारों एवं नागरिकों पर डिजिटल समावेशन का असर; सुरक्षा खतरों एवं निजता से संबंधित चिंताओं के लिए नीति प्रतिक्रियायें; और डिजिटल इनोवेशन को अधिक समावेशी एवं व्‍यापक बनाने के लिए अवसर।
 
“डिजिटल इंडिया” इंटरनेट समावेशन के लिए समाधानों के विकास करने के लिए आइईईई इंटरनेट इनीशिएटिव के वैश्विक प्रयासों के अनुरूप है।” यह कहना है आइईईई इंटरनेट इनीशिएटिव के वाइस-चेयर दीपक माहेश्‍वरी का। “उन्‍होंने यह भी कहा,''वहनीयता, डिजिटल साक्षरता, सुरक्षा और निजता सहित भारत की खास चुनौतियों को पहचानकर, हम सहयोगी मंचों एवं कामकजी समूहों का निर्माण कर रहे हैं जोकि इसके डिजिटल रूपांतरण में भारत की प्रगति को बढ़ावा देंगे। ‘डिजिटल इंडिया’ में कई सारी एजेंसिया और निजी/सार्वजनिक साझेदारियां हैं, यह बहु-हितधारक नवाचार के लिए एक बहुमूल्‍य मॉडल प्रदान करता है जिसे अन्‍य भौगोलिक क्षेत्रों में आइईईई के जरिये साझा किया जा सकता है।”
 
लंच वर्कशॉप सत्र
 
6 अक्‍टूबर को दोपहर के सत्र में व्‍यावसायों, एनजीओ एवं सरकारी निकायों आदि के लीडर्स एकसाथ आयेंगे। वे सभी खोजपरक बिजनेस मॉडलों एवं फाइनेंसिंग, सावर्जनिक पहुंच एवं कम्‍युनिटी नेटवर्क,उर्जा एवं कनेक्टिविटी, लिंग विभेदन, और डिजिटल साक्षरता जैसे परिदृश्‍यों में इंटरनेट समावेशन के मामलों पर चर्चा करेंगे। वे इस बात पर चर्चा करेंगे कि सहमति-आधारित जरूरी परिणाम क्‍या-क्‍या हैं जोकि विचारों को प्रेरित कर सकते हैं और समाधानों के विकास, अनुकूलन एवं उपयोग में तेजी ला सकते हैं। कामकाजी सत्र में आमंत्रित लोग इंटरनेट समावेशन की चुनौतियों की पहचान करेंगे, उनकी प्राथमिकता तय करेंगे और संभावित समाधानों को चिन्हित करेंगे और उनसे निपटने के लिए अगले चरण खोजेंगे।
 
2016 में, आइईईई इंटरनेट इनीशिएटिव ने नई दिल्‍ली में ऐसा ही कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें खासतौर से दक्षिण एशियाई क्षेत्र में किफायती इंटरनेट ऐक्‍सेस को विस्‍तारित करने के लिए तकनीकी समुदाय, गैर सरकारी संस्‍थानों/सिविल सोसायटी संस्‍थानों (एनजीओ/सीएसओ) और अन्‍य ने सहयोग किया। इवेंट रिपोर्ट में कहा गया, सर्वव्‍यापी, किफायती कनेक्टिविटी हासिल करने के लिए प्रयास वैश्विक तकनीक, तकनीकी एवं नीतिगत समुदायों की साझा विशेषज्ञता,अनुभवों एवं रचनात्‍मकता पर निर्भर करते हैं। इससे स्‍थानीय रूप से प्रासंगिक समाधानों को बढ़ावा देता है। ...(नई दिल्‍ली में 2016 आइईईई इनीशिएटिव इवेंट में बताया गया) यह विभिन्‍न हितधारकों को एक मंच पर लाने वाली लंबी एवं निरंतर यात्रा में एक महत्‍वपूर्ण उपलब्धि है। इस मंच पर सभी एक-दूसरे के परिदृश्‍यों एवं प्राथमिकताओं को समझते हैं और उसकी प्रशंस करते हैं।”
 
आइईईई इंटरनेट इनीशिएटिव के विषय में
 
आइईईई इंटरनेट इनीशिएटिव थॉट लीडरशिप एवं नवाचार को बढ़ावा देता है और नीति पारितंत्र में तकनीकी विशेषज्ञों एवं संसाधनों का योगदान करके भरोसेमंद एवं समावेशी इंटरनेट के लिए समाधानों का विकास करता है। इसके द्वारासहयोगी विकास मंच एवं कम्‍युनिटी उपलब्‍ध कराई जाती है ताकि कार्य-अभिप्रेरित एवं लागू करने योग्‍य परिणामों को उत्‍पन्‍न किया जा सके। http://internetinitiative.ieee.org/ पर अधिक जानकारी प्राप्‍त करें। ट्विटर पर @IEEENetPolicy फॉलो करें।
 
आइईईई के विषय में
 
आइईईई मानवीयता के लाभ के लिए तकनीकी प्रगति के प्रति समर्पित सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी पेशेवर संगठन है। अपने बेहद प्रशंसनीय प्रकाशनों, सम्‍मेलनों, तकनीकी मानकों, और पेशेवर एवं शैक्षणिक गतिविधियों के माध्‍यम से, आइईईई विभिन्‍न क्षेत्रों में एक भरोसेमंद आवाज है। इसमें एयरोस्‍पेस सिस्‍टम, कंप्‍यूटर्स और टेलीकम्‍यूनिकेशंस से लेकर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग,इलेक्ट्रिक पावर, और कंज्‍यूमर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स शामिल हैं। http://www.ieee.org पर अधिक जानकारी प्राप्‍त करें।
 
businesswire.com पर सोर्स विवरण देखें: http://www.businesswire.com/news/home/20171002006456/en/


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