2017-07-28
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रायपुर के सर्जनों को मिला रोविंग रोबोट का साथ

Vattikuti Technologies (11:50AM) 

Business Wire India
द विन्सी सर्जिकल रोबोट इस समय 20 भारतीय शहरों के भ्रमण पर है। इसी क्रम में यह अगले हफ्ते 4 दिनों के लिए रायपुर में होगा, जहाँ विभिन्न विशेषज्ञताओं वाले सर्जनों को बहुत छोटे चीरे से सटीक ऑपरेशन की इसकी क्षमता का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जायेगा। यह मोबाइल रोबोट एक चमकती सफेद बस में आयेगा जिसे एक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की तरह तैयार किया गया है। यह बस रायपुर में 31 जुलाई से 3 अगस्त तक मौजूद रहेगी।द विन्सी सर्जिकल रोबोट इस समय 20 भारतीय शहरों के भ्रमण पर है। इसी क्रम में यह अगले हफ्ते 4 दिनों के लिए रायपुर में होगा, जहाँ विभिन्न विशेषज्ञताओं वाले सर्जनों को बहुत छोटे चीरे से सटीक ऑपरेशन की इसकी क्षमता का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जायेगा। यह मोबाइल रोबोट एक चमकती सफेद बस में आयेगा जिसे एक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की तरह तैयार किया गया है। यह बस रायपुर में 31 जुलाई से 3 अगस्त तक मौजूद रहेगी। 
 
Robotic Surgery in ProgressSurgical robot lounge with a four armed surgical robot, Surgeons console by Intuitive Surgicals
द विन्सी सर्जिकल रोबोट्स के वितरक वट्टिकुटी टेक्नोलॉजीज और रोबोटिक सर्जरी के प्रसारकर्ता वट्टिकुटी फाउंडेशन साथ मिल कर इस तकनीक को देश भर में पहुँचा रहे हैं, जिससे रोबोटिक सर्जरी के फायदों को दर्शाया जा सके। रोबोटिक सर्जरी के जरिये न केवल रक्त का नुकसान कम से कम होता है, ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत सुधरने में लगने वाला समय नाटकीय तरीके से घट जाता है, ऑपरेशन की प्रक्रिया एकदम सटीक हो जाती है और इससे स्वस्थ ऊतकों को नुकसान नहीं होता है। ऑपरेशन के बाद तेजी से सुधार और कम दर्द की वजह से रोगी को अपेक्षाकृत कम दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ता है और वह पारंपरिक सर्जरी की तुलना में जल्दी काम पर वापस लौट सकता है।
 
रोबोटिक रोडशो करने का लक्ष्य सर्जनों और अस्पताल प्रबंधनों को इस बात से परिचित कराना है कि कैसे कंप्यूटर की सहायता से होने वाली सर्जरी विभिन्न तरह के कैंसर को खत्म कर सकती है, खास कर यूरोलोजी, गायनेकोलॉजी, थोरेसिक, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल और सिर एवं गला के चिकित्सकीय विषयों में। इस समय छत्तीसगढ़ के किसी भी अस्पताल में सर्जिकल रोबोट नहीं है।
 
सर्जन, डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन द विंसी 'रोविंग रोबोट' को रायपुर में रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल (31 जुलाई), संजीवनी कैंसर केयर हॉस्पिटल (1 अगस्त), नारायण एमएमआई हॉस्पिटल (2 अगस्त) और इंदिरा गांधी रीजनल कैंसर सेंटर (3 अगस्त) में देख सकेंगे। वट्टिकुटी की प्रशिक्षित क्लीनिकल टीम इसके काम करने के तरीके का प्रदर्शन करेगी और साथ ही द विंसी सर्जिकल रोबोट की क्षमताओं के बारे में उनके प्रश्नों के उत्तर भी देगी।
 
मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के प्रख्यात कोलो-रेक्टल सर्जन डॉ. अवनीश सकलानी 3 अगस्त को रायपुर और आस-पास के शहरों के सर्जनों के साथ एक संवाद-सत्र में रोबोटिक सर्जरी के लाभों को उजागर करेंगे। सर्जनों के मुताबिक रोबोटिक सर्जरी कम आघात पहुँचाती है, क्योंकि यह बहुत सटीक होती है और इसमें काफी अच्छा नियंत्रण रहता है।
 
वट्टिकुटी टेक्नोलॉजीज ने साल 2011 से देश में बड़ी संख्या में अस्पतालों के साथ हाथ मिलाया है, ताकि इस उन्नत तकनीक को प्रस्तुत किया जा सके और रोबोटिक प्रक्रियाओं में सर्जनों को प्रशिक्षण में मदद की जा सके। अब तक की स्थिति यह है कि भारत के 20 शहरों के 47 अस्पतालों में 51 द विन्सी सर्जिकल रोबोट लगाये जा चुके हैं, जो 275 प्रशिक्षित रोबोटिक सर्जनों द्वारा संचालित किये जा रहे हैं। अनुमान है कि 2017 में भारतीय अस्पतालों में लगभग 8,000 रोबोटिक सर्जरी संपन्न होंगी।
 
वट्टिकुटी टेक्नोलॉजीज के सीईओ गोपाल चक्रवर्ती कहते हैं, चार भुजाओं वाला रोविंग रोबोट छोटे कस्बों में काम करने वाले सर्जनों को यह अनुभव करा सकेगा कि द विंसी सर्जिकल रोबोट स्वस्थ ऊतकों को बचाये रखते हुए खराब ऊतकों को हटाने की कैसी क्षमता रखता है।
 
चक्रवर्ती आगे कहते हैं, हाई डिफिनिशन त्रिविमीय (3-डायमेंशनल) दृश्य प्रणाली और दस गुना तक बड़ा दिखाने से सर्जनों को बहुत छोटी कलाई वाले उपकरणों के साथ काम करने में काफी मदद मिलती है, जो इंसानी हाथ के मुकाबले काफी ज्यादा मुड़ते और घूमते हैं। इससे सर्जरी के बेहतर परिणाम देने में मदद मिलती है, मरीज की हालत में सुधार तेज होता है और उसे अस्पताल में अपेक्षाकृत कम दिनों तक रुकना पड़ता है।"
 
छोटे शहरों में विस्तार की इस योजना के लिए इससे बेहतर वक्त नहीं हो सकता था, क्योंकि भारत में कैंसर लगातार अपने पाँव पसारता जा रहा है। नेशनल कैंसर रजिस्ट्री के मुताबिक हर साल कैंसर के 15 लाख नये मामले सामने आ जाते हैं। किसी भी वक्त कैंसर के मरीजों की संख्या 30 लाख से अधिक होती है और हर साल 6,80,000 से अधिक लोग कैंसर से मर जाते हैं।
 
वट्टिकुटी टेक्नोलॉजीज और सर्जिकल रोबोट के निर्माता इन्ट्यूटिव सर्जिकल इंक., यूएसए अस्पतालों को द विन्सी रोबोट एवं जरूरी उपकरण अगले तीन सालों के लिए एक खास कीमत पर उपलब्ध करायेंगे।
 
द विन्सी सर्जिकल सिस्टम सर्जनों को निकट ही स्थापित कंसोल से रोबोटिक उपकरणों को नियंत्रित करके कम से कम चीरे लगाते हुए बेहतर ऑपरेशन करने में सक्षम बनाता है, जिसे वे कुछ छोटे छेदों के जरिये ही पूरा कर लेते हैं। यह सर्जनों को बेहतर दृश्यता के साथ और सटीक ढंग से ऑपरेशन करने में मदद करता है। वट्टिकुटी टेक्नोलॉजीज के बारे में

वट्टिकुटी टेक्नोलॉजीज इस द विन्सी रोबोटिक सर्जरी सिस्टम को इन्ट्यूटिव सर्जिकल इंक यूएसए के जरिये उपलब्ध करा रहे हैं। यह द विन्सी सर्जरी इस मिनिमली इनवेसिव सर्जरी में गोल्ड स्टैंडर्ड की मानी जा रही है।
 
साल 2016 में पूरी दुनिया भर में 4000 से अधिक द विन्सी रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम के इस्तेमाल से 7,50,000 से अधिक ऑपरेशन किये गये। दरअसल कम से कम पहुँच के बावजूद लगभग सभी तरह के जटिल ऑपरेशन पूरे कर द विन्सी सिस्टम इस पूरी व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। द विन्सी के जरिये अब तक कुल मिला कर 40 लाख से अधिक ऑपरेशन किये जा चुके हैं।
 
वट्टिकुटी टेक्नोलॉजीज ने साल 2011 से देश में काफी अस्पतालों के साथ हाथ मिलाया है, ताकि रोबोटिक कार्यक्रम की सफलता की राह तैयार की जा सके, साथ ही साथ सर्जनों के प्रशिक्षण में मदद की जा सके, इसके अलावा अपने प्रशिक्षित क्लिनिकल सपोर्ट और सर्विस टीम के जरिये इस व्यवस्था के लिए बेहतर समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके। 
 
बड़े कॉरपोरेट अस्पताल जैसे अपोलो, एस्टर, फोर्टिस, एचसीजी, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी, मैक्स, मेदांता, स्टर्लिंग और जाइडस, सरकारी अस्पताल जैसे ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट (सभी दिल्ली), पीजीआई (चंडीगढ़) व किदवई मेमोरियल इंस्टिट्यूट ऑफ आंकोलॉजी (बैंगलुरु) और ट्रस्ट के अस्पताल जैसे टाटा मेमोरियल मुंबई, अमृता इंस्टिट्यूट कोच्चि, सर गंगाराम हॉस्पिटल, राजीव गाँधी कैंसर इंस्टिट्यूट इन द विन्सी सर्जिकल रोबोटों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

अधिक जानकारी के लिए कृपया www.vattikutitechnologies.com देखें

या

संपर्क करें:
स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशंस ऐंड पीआर काउंसेल
संजीव कटारिया, +91 98100 48095
Sanjiv.kataria@gmail.com
 

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