2017-07-07
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यौन शोषण के खिलाफ मुहिम में नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को मिला देशभर के धर्म गुरुओं का समर्थन

Kailash Satyarthi Children’s Foundation (12:47PM) 

Business Wire India

Left to right - Salim Engineer, Jama'at-E-Islami Hind; Dr. Imam Umer Ahmed Ilyasi - All India Imam Organisation; Shri. Kailash Satyarthi, Founder, Kailash Satyarthi Children’s Foundation; Archbishop - Anglican Church of India; Swami Adityananda Saraswati - Parmarth Niketan Ashram
बाईं से दाईं - सलीम इंजीनियर, जमात-ए-इस्लामी हिंद; डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी - ऑल इंडिया मुस्लिम ऑर्गनाइज़ेशन; श्री कैलाश सत्यार्थी, संस्थापक, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन; आर्कबिशप - एंग्लीकैन चर्च ऑफ इंडिया; स्वामी आदित्यानंद सरस्वती - परमार्थ निकेतन आश्रम

देश भर में अलग-अलग धर्मों और मान्यताओं के अध्यात्मिक गुरुओं ने ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत’ (सेफ चाइल्डहुड-सेफ इंडिया) के उद्देश्य को बढ़ावा देने के लिए नोबल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी के नेतृत्व वाले संगठन कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन (केएससीएफ) के साथ हाथ मिलाया है। उन्होंने पूरे दिल से वर्तमान और भविष्य के बच्चों के लिए सुरक्षित और भय-मुक्त भारत के निर्माण के लिए बाल यौन शोषण, तस्करी तथा बच्चों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को खत्म करने के एजेंडे पर काम करने का इरादा जताया है।
 
श्री सत्यार्थी की मेजबानी में दिल्ली में आयोजित राउंडटेबल में देश भर के धार्मिक गुरु शामिल हुए, जिनमें सैयद अजीज़, सचिव, अहमदिया मुस्लिम कम्युनिटी, डॉ. अनिल आर्या, प्रमुख, आर्य युवा केंद्र, आर्कबिशप सैमुअल पी. प्रकाश, एंग्लीकैन चर्च ऑफ इंडिया, ब्रह्मकुमार सुशांत जी, ब्रह्मकुमारी, माउंट आबू, श्री अलवान मसीह, महासचिव, चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया, साध्वी जया भारती स्वामी विश्वानंद, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, सुश्री नीलाक्षी राजखोवा, निदेशक, नेशनल स्प्रिीचुअल असेंबली ऑफ बहाई ऑफ इंडिया ऑफिस ऑफ पब्लिक अफेयर्स, सूफी अजमल निजाम, प्रमुख, निजामुद्दीन दरगाह, श्री सी.एल. गुलाटी, महासचिव, संत निरंकारी मिशन, श्री राम महेश मिश्रा जी, निदेशक, विश्व जागृति मिशन सहित अन्य शख्सियत शामिल हुए।
 
धर्म गुरु और धार्मिक समुदाय हमारे समाज में सबसे बड़े और सर्वाधिक संगठित नागरिक संस्थान हैं, जो अरबों अनुयायियों की निष्ठा होने का दावा करते हैं और जाति, वर्ग तथा रायता की खाई को पाटने का काम करते हैं। किसी भी अन्य नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की तुलना में धार्मिक मान्यता वाले गुरुओं का स्थानीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ काम करने का कहीं ज्यादा स्थापित व्यापक अनुभव है। उनके प्रभाव बच्चों के खिलाफ हिंसा को खत्म करने में प्रभावी ढंग से योगदान कर सकते हैं। इस राउंडटेबल का उद्देश्य उन सभी धर्म गुरुओं को एकसाथ एकजुट करने का प्रयास है, जो बच्चों के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के नेक काम में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताएंगे और अपने अनुयायियों को इस पहल में शामिल होने तथा इस दिशा में काम करने की शपथ लेने के लिए एकजुट करेंगे।
 
राउंडटेबल परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए नोबल पुरस्कार विजेता और बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने कहा, ‘‘बच्चे हमेशा से ही सभी प्रकार की हिंसा के सबसे आसान शिकार होते हैं, इनमें से यौन दुर्वयवहार सबसे गंभीर है और यह खतरनाक दर से बढ़ रहा है। यह एक अपराध है, एक बुराई है और सामाजिक वर्जना की व्यापक मौन के पीछे छिपी सामाजिक बीमारी का प्रतिबिंब है। इस चुप्पी को तोड़ने में मदद करना सभी धर्म गुरुओं का नैतिक दायित्व है। मेरा मानना है कि भगवान के बच्चों की सुरक्षा करना पूजा करने का सबसे ताकतवर और पुनीत कार्य है।’’
 
नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के बारे में
 
श्री सत्यार्थी तीन दशक से भी अधिक समय से निरंतर बाल अधिकारों की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने और उनके द्वारा जमीनी स्तर पर शुरू किया गया अभियान ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ ने 84,000 से ज्यादा बच्चों को शोषण से आजादी दिलाई है और उनके शिक्षा एवं पुनर्वास का एक सफल मॉडल विकसित किया है। सितंबर में संयुक्त राष्ट्र एसडीजी सम्मेलन में घोषित सतत विकास के लक्ष्यों में बच्चों से संबंधित एजेंडे को शामिल कराने के अभियान में वह सबसे आगे रहे हैं। वह बाल संबंधित एसडीजी को प्राथमिकता देने और बच्चों पर सबसे पहले ध्यान देने की सरकार की आवश्यकताओं पर जोर दे रहे हैं।
 
श्री सत्यार्थी सर्वाधिक शोषित बच्चों के लिए एकमात्र सबसे बड़े नागरिक समाज के नेटवर्क, ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर के भी ल्पकार रहे हैं, जिसने यूनियनों, नागरिक समाज और खासकर बच्चों को 1999 में आईएलओ कन्वेंशन 182 में सबसे खराब बाल श्रम के प्रारूप को अपनाने के खिलाफ दुनिया भर में प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। वह वैश्विक शिक्षा संकट को समाप्त करने के लिए काम करने वाला एक सभ्य नागरिक समाज आंदोलन ग्लोबल कैंपेन फॉर एजुकेशन के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे हैं। वर्श 2014 में उन्हें ‘बच्चों और युवाओं के षोशण तथा सभी बच्चों के लिए षिक्षा का अधिकार के लिए संघर्ष’ के लिए संयुक्त रूप से नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
 
चर्चा के दौरान सलीम इंजीनियर, जमात-ए-इस्लामी हिंद ने कहा, “बच्चों के खिलाफ हिंसा इस देश का एक बड़ा महत्वपूर्ण मसला है। हम आपको और कहीं भी आपके इस अभियान को पूरा समर्थन देंगे।”
 
आर्कशिब, एंगलिकैन चर्च ऑफ इंडिया ने कहा, “इस अभियान के प्रति हमारा समर्थन हमेशा आपके साथ है, कैथलिक चर्च इसके लिए आपको पूरा सहयोग देगा क्योंकि यह बेहद परोपकारी कार्य है।”
 
इस आयोजन में भाग लेने वाले अन्य गणमान्य लोगों ने शामिल थे - गौतम गिल तथा गौरव वर्मा, आर्ट ऑफ लिविंग; ब्रह्मकुमार सुशांत जी, ब्रह्म कुमारीज़; डॉ सरबजीत रॉय, ब्रहम् समाज; सैयद अजीज़ अहमद, अहमदिया मुस्लिम कम्युनिटी; स्वामी आदित्यानंद सरस्वती, परमार्थ निकेतन आश्रम; सी एल गुलाटी, संत निरंकारी मिशन; युधिष्ठिर गोविंद दास, इस्कॉन; साध्वी जया भारती, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान; श्री राम महेश मिश्रा जी, विश्व जागृति मिशन; जमात-ए-इस्लामी हिंद, सलीम इंजीनियर; मौलाना अरशद मदनी, जमायत उलामा-ए-हिंद’ सूफी अजमद निज़ामी, निज़ामुद्दीन दरगाह; अलवान मसीह, द चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया; इमाम उमर अहमद इलियासी, ऑल इंडिया मुस्लिम ऑर्गनाइज़ेशन; जुनैद हैरिस, जामिया मिलिया इस्लामिया; नीलाक्षी राजखोवा, नेशनल स्प्रिीचुअल असेंबली ऑफ द बहाई ऑफ इंडिया ऑफिस ऑफ पब्लिक अफेयर्स; डॉ. अनिल आर्य, आर्य युवक केंद्र; स्वामी आर्यवेश, आर्य प्रतिनिधि सभा मेथॉडिस्ट चर्च इन इंडिया; आचार्य विवेक मुनीजी; तथा प्रसन्ना कुमार पटसनी; फादर फेलिक्स, सद्भावना; इज़िकिल आइसक मलेकर, जुडाह हयम साइनागॉग; रामकृष्ण मिशन; आचार्य प्रतिष्ठा, आध्यात्मिक गुरु; पंडित दीपक दुबे, पीठ; बिशप सुबोध सी. मंडल, संस्थापक अध्यक्ष, शिवा फाउंडेशन व वैदिक ज्योतिष।
 
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन के बारे में
 
इस फाउंडेशन का मकसद बच्चों के लिए वैसे अनुकूल नीतियां बनाना, उसका कार्यान्वयन तथा उसकी वकालत करना है, जो बच्चों के समग्र विकास और शक्तिकरण सुनिश्चित करता है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए फाउंडेशन सरकार, कारोबारियों, नागरिक समाज के साथ ही साथ बच्चों और युवाओें को शिक्षा तथा स्वास्थ्य में कमी सहित बच्चों के पोषण से रक्षा करने के लिए रणनीतियां बनाने और कार्रवाई में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।
 
अतिरिक्त जानकारी के लिए : www.satyarthi.org.in पर आइए।

आगे की पूछताछ के लिए कृपया संपर्क करें
प्रीति रावत                                                                                          परोमा भट्टाचार्य                                                                                  
preeti@thegutenberg.com                                                              paroma@satyarthi.org
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