2017-01-25
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यूएई की खलीफा फाउंडेशन ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को दान किए 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर के चिकित्सा उपकरण

National Media Council (12:48PM) 

Business Wire India
संयुक्त अरब अमीरात की खलीफा बिन जायेद अल नाहयान फाउंडेशन ने घोषणा की है की वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर के मूल्य का एक इलेक्टा सिनर्जी डिजिटल एक्सिलरेटर दान करेंगे।

यह घोषणा उस समय हुई है जब अबू धाबी के शहजादे और यूएई सशस्त्र सेना के उप सर्वोच्च कमांडर महामहिम शेख मुहम्मद बिन जायेद अल नाहयान भारत के 68वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत के दौरे पर होंगे। यूएई के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायेद अल नाहयान ने वर्ष 2017 को श्इयर ऑफ गिविंगश् (दान वर्ष) के रूप में घोषित किया है जिसके तहत मानवीय पहलों के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विशेष तवज्जो दी जा रही है।

खलीफा फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि यह दान उनके और यूएई में केंद्रित भारतीय हेल्थकेयर कंपनी वीपीएस हेल्थकेयर के बीच सहयोग के द्वारा संभव हो सका है। फाउंडेशन ने संकेत दिया कि यह मानवीय पहलों के क्षेत्र में बढ़ती सार्वजनिक साझेदारी का एक उदाहरण है, विशेष तौर पर यूएई स्थित भारतीय व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और यूएई सरकर के बीच बढ़ते साझा सहयोग में।

खलीफा बिन जायेद अल नाहयान फाउंडेशन के महानिदेशक मोहम्मद हाजी अल खौरी ने कहा कि, “यूएई के रिश्ते, सामान्य तौर पर भारत के साथ और विशेष तौर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के साथ नए नहीं हैं। हमारे राष्ट्र पिता और यूएई के संस्थापक स्व. शेख जायेद 1975 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय आए थे और उन्होंने वहां एएमयू समुदाय के भिन्न-भिन्न लोगों से मुलाकात की थी। उस समय उनकी एएमयू यात्रा, विश्विद्यालय द्वारा विगत एक शताब्दी से भी अधिक समय तक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए गए असीम योगदान की सराहना के उद्देश्य से की गयी थी। महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान का भारत के 68वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में दौरा शेख जायेद द्वारा भारत सरकार एवं भारतीय लोगों के साथ स्थापित किए गए प्रगाढ़ संबंधों की अगली कड़ी के रूप में है।”

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डा. जमीरउद्दीन शाह ने बताया कि, “हम इस नेक काम के खलीफा फाउंडेशन और वीपीएस हेल्थकेयर के बेहद शुक्रगुजार हैं। पोलियोमेलाइटिस से लड़ाई में अहम भूमिका निभाने से लेकर जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में राहत दल भेजने तक जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज जरूरतमंदों की मदद करने में और अपने देश की सेवा करने में अग्रणी रहा है।”

वीपीएस हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डा. शमशीर वायलिल ने कहा कि, “खलीफा फाउंडेशन के साथ जुड़ना गौरव की बात है। यूएई और एएमयू के बीच एक खास संबंध है जो 1975 में स्व. शेख जायेद बिन सुल्तान अल नाहयान के विश्वविद्यालय दौरे से शुरू हुआ था। मैं और मेरी कंपनी यूएई, जो विश्व में सर्वाधिक मानवीय और विकास सहायता प्रदान करने वाले देशों में से एक है, द्वारा शुरू की गयी मानवीय और अन्य पहलों की हमेशा सहायता और सहयोग करने के प्रति प्रतिबद्ध है।”

लीनियर एक्सिलरेटर, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज जो कि एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है, में लगाया जाएगा। यह मेडिकल कॉलेज समाज के सभी वर्गों को विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सस्ती चिकित्सा सहायता प्रदान करता है और यहाँ पर पिछले वर्ष लगभग 700,000 लोगों का उपचार किया गया है। यह लीनियर एक्सिलरेटर मेडिकल कॉलेज के छात्रों के अध्ययन में सहायता देने के साथ साथ, कैंसर जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों का बेहतर तरीके से उपचार करने में चिकित्सकों के लिए मददगार साबित होगा।

खलीफा बिन जायेद अल नाहयान फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2007 में यूएई के महामहिम राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायेद अल नाहयान ने की थी। यह फाउंडेशन यूएई और अन्य स्थानों पर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्रों को केंद्र में रखकर अग्रणी कल्याण कार्यक्रम चलाता है। विभिन्न देशों में व्यावसायिक शैक्षिक परियोजनाओं की सहायता करना फाउंडेशन की शिक्षा रणनीति का हिस्सा है। इस फाउंडेशन ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक 87 देशों तक तक अपनी मदद पहुंचाई है। 

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