2016-11-15
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आईएसएसीए ने पता लगाया, कारोबारी लाभ के बावजूद भारतीय उपक्रम ऑग्‍मेंटेड रिएलिटी को लेकर हैं सतर्क

ISACA (7:30PM) 

Business Wire India

बदलते दौर में लगभग सभी कारोबार डिज़िटल कारोबार बन रहे है, ऐसे में ऑग्‍मेंटेड रिएलिटी (एआर) और इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स (आईओटी) उपकरणों के प्रसार का कारोबारी मूल्‍यों और व्‍यक्तिगत सुविधाओं में अहम योगदान हो सकता है। हालांकि वैश्विक बिज़नेस टैक्‍नोलॉजी और साइबर सिक्‍योरिटी एसोसिएशन आईएसएसीए द्वारा किए गए नए अध्‍ययन से पता चलता है कि उपभोक्‍ता और आइटी पेशेवरों के बीच इसके जोखिम और लाभ पर एकमत नहीं है। भारतीय उपभोक्‍ता, जो कार्यरत हैं, वे आईटी पेशेवरों की तुलना में एआर के लाभों के बारे में कहीं ज्‍यादा सकारात्‍मक हैं, 90 प्रतिशत या इससे ज्‍यादा इस पर सहमत हैं कि बताए गए एआर ऐप्‍लीकेशंस उनके जीवन में सुधार ला सकते हैं या उन्‍हें उनके काम को करना आसान बना सकते हैं। हालांकि केवल 30 प्रतिशत भारतीय आईटी पेशेवर जोखिम से ज्‍यादा एआर से होनेवाले लाभ से सहमत हैं।
 
यह स्‍मार्ट न्‍यूज़ रीलीज़ मल्‍टीमीडिया फीचर से लैस है। रीलीज़ का संपूर्ण संस्‍करण यहां देखें: http://www.businesswire.com/news/home/20161113005022/en/
आईएसएसीए के आईटी जोखिम/लाभ बैरोमीटर के तहत बिज़नेस टैक्‍नोलॉजी पेशेवरों और उपभोक्‍ताओं दोनों पर उभरती टैक्‍नोलॉजिज के जोखिम एवं लाभ पर सर्वे किया गया। जिसमें पता चला कि भारतीय उपभोक्‍ता आग्‍मेंटेड रिएलिटी को लेकर ज्‍यादा आशावादी हैं, जबकि भारतीय आईटी पेशेवर इसके जोखिमों को लेकर ज्‍यादा चिंतित हैं। उपभोक्‍ता प्रशिक्षण, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल और रिटेल में इसके संभावित लाभ देखते हैं। (ग्राफिक: बिज़नेस वायर) 
 
आईएसएसीए के सालाना आईटी जोखिम/लाभ बैरोमीटर (IT Risk/Reward Barometer) सर्वे में आवश्‍यक टैक्‍नोलॉजिज और सूचनाएं के बारे में लोगों के नजरिए और व्यवहार तथा व्‍यापार नापसंद संगठनों एवं उपभोक्‍ताओं के लाभ एवं संभावित जोखिमों का पता लगाने के लिए दुनिया भर के हज़ारों बिज़नेस टैक्‍नोलॉजी पेशेवरों और उपभोक्‍ताओं की राय ली गई। इस साल पांच देशों में आईओटी उपकरणों तथा एआर संवर्धन पर उपभोक्‍ता सर्वे किया गया, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्‍ट्रेलिया, भारत और सिंगापुर शामिल हैं।
आईएसएसीए के 2016 आईटी जोखिम/लाभ बैरोमीटर में भारतीय उपभोक्‍ता खंड के सर्वे से निम्‍न बातों का पता चला :
 

85 प्रतिशत भारतीय उपभोक्‍ताओं ने बताया कि उनके पास कम से कम एक आईओटी उपकरण हैं।
94 प्रतिशत ने दावा किया कि वे आईओटी उपकरणों की पहचान करने में सक्षम हैं।
80 प्रतिशत ने बताया कि आईओटी उपकरणों की पहचान का ज्ञान होने से वे एआर के साथ उसका संवर्धन किया है।

 
गोल्‍डमैन सैक्‍स के अनुसार, एआर और वर्चुअल रिएलिटी में अगला बड़ा कंप्‍यूटिंग प्‍लेटफॉर्म बनने की क्षमता है। फर्म का अनुमान है कि वर्ष 2025 तक हार्डवेयर और सॉफ्‍टवेयर का बाज़ार बढ़कर 80 अरब डॉलर तक हो सकता है।* जुलाई 2016 में पोकेमॉन गो गेम को लॉन्‍च करने के बाद से एआर के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और देखा गया है कि इससे कई कारोबारों को सीधे लाभ हो रहा है, अगर उनकी साइट इस खेल से जुड़ी हो। इसके साथ ही कई अन्‍य कारोबारों को भी इसने मार्केटिंग अभियान में एआर को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
 
आईएसएसीए बोर्ड के निदेशक रॉब क्‍लाइड ने कहा, “आईओटी इनेबल्‍ड उपकरणों के प्रसार और उपयोगकर्ता को उन्‍नत अनुभव प्रदान करने के साथ आईओटी और एआर अभूतपूर्व मूल्‍य और अवसर का स्रोत बन गए हैं और साथ ही साथ जोखिम भी काफी बढ़ा है।” उन्‍होंने आगे कहा, “व्‍यक्तियों और उपक्रमों को इन टैक्‍नोलॉजिज के रफ्‍तार का लाभ उठाना चाहिए और साथ इसके जोखिम प्रबंधन के बारे में भी जानना चाहिए, ताकि कंपनी के इनोवेट करने की क्षमता से कोई समझौता न करना पड़े।” 
 
सर्वे में पाया गया कि उपभोक्‍ता और आईटी पेशेवर समान रूप से एआर से संवर्धित आईओटी उपकरणों के संभावित जोखिमों से चिंतित हैं। 91 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं ने इस पर चिंता जताई कि इन संवर्धनों से उनके उपकरण गोपनीयता उल्‍लंघन के लिहाज से ज्‍यादा असुरक्षित बन सकते हैं। इसके अतिरिक्‍त बहुसंख्‍य (78 प्रतिशत) भारतीय उपभोक्‍ताओं को लगता है कि उनके कार्यस्‍थल आभासी ग्रैफिटी हमले, जो भवनों, स्थलों और नकारात्मक, अनधिकृत कल्पना के साथ अन्य सतहों बिगाड़ सकता है के प्रति ज्‍यादा संवेदनशील हैं। भारत में केवल 11 प्रतिशत संगठनों के पास आभासी ग्रैफिटी ऐप्‍स पर नकारात्‍मक टिप्‍पणियों की निगरानी के लिए प्रोग्राम हैं।
 
आईएसएसीए द्वारा भारत में आईटी और साइबर सुरक्षा से जुड़े पेशेवरों पर एक समानांतर सर्वे किया गया, जिसमें पाया गया कि कारोबारी दुनिया एआर को अपनाने के अभी शुरूआती चरण में है। इस सर्वे में जिन खास बातों का पता चला, वे हैं:
 

17 प्रतिशत ने कहा कि उनके संगठन की अगले साल एआर इस्‍तेमाल करने की योजना है।
9 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे काम से इतर एआर का इस्‍तेमाल करते हैं।
जोखिमों से ज्‍यादा एआर के लाभ बताने वाले प्रतिभागियों (30 प्रतिशत) की संख्‍या उनसे ज्‍यादा है, जो यह मानते हैं कि इससे लाभ कम और जोखिम ज्‍यादा (21 प्रतिशत) है, लेकिन करीब आधे प्रतिभागियों ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया।
केवल एक-चौथाई प्रतिभागियों ने कहा कि उनके संगठन के पास अपने बिज़नेस लोकेशन या विज्ञापनों में तस्‍वीरों, पोस्‍ट्स और वीडियो को टैग करने के उपाय हैं।
एआर को अपनाने की राह में सबसे बड़ी बाधा कौशल/ज्ञान (20 प्रतिशत) का अभाव, सुरक्षा की चिंता (20 प्रतिशत) और अपर्याप्‍त बजट (16 प्रतिशत) है।

 
आईएसएसीए के निदेशक मंडल के चेयरमैन और आईएनटीआरएएलओटी (INTRALOT) के सूचना सुरक्षा के ग्रुप निदेशक, पीएचडी, सीआईएसए, सीआईएसएम, सीआरआईएससी क्रिसटोस दिमित्रियादिस ने कहा, “उपक्रमों को इन उन्‍नत टैक्‍नोलॉजी का पूरा लाभ उठाने के लिए चुस्‍त-दुरुस्‍त बनाने और गवर्नेंस, सरक्षा तथा जोखिम प्रबंधन के व्‍यापक उपाय अपनाने की जरूरत है। वर्चुअल ग्रिफिटी और डेटा उल्‍लंघन जैसी दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सक्रिय निगरानी महत्‍वपूर्ण है, तभी जोखिम को कम कर कारोबार को नई टैक्‍नोलॉजिज का पूरा लाभ मिल सकेगा।”
 
एआर को अपनाने की बाधा से निपटने और कारोबार को प्रभावित करने वाले एआर ऐप्‍स की निगरानी में मदद के लिए आईएसएसीए ने कुछ सुझाव दिए हैं, जो हैं:
 

एआर प्‍लेटफॉर्म पर सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाएं। वर्तमान सोशल मीडिया नीतियों के विस्तार का लाभ उठाएं और संवर्धित ऑग्‍मेंटेड प्लेटफॉर्म्‍स पर नजर रखें।
इस पर विचार करें कि एआर किस तरह आपके कारोबार में सुधार ला सकता है। प्रशिक्षण, डायग्‍नॉस्टिक्‍स और मार्केटिंग तीन ऐसे क्षेत्र हैं, जहां व्‍यापक संभावनाएं हैं।
अपने गवर्नेंस प्रारूप की समीक्षा करेंऔर अपनी नीतियों को अपडेट करें। अपने संगठन की नीतियों और प्रक्रियाओं, जैसे बीवाईओडी (ब्रिंग योर ओन डिवाइस) और निजता नीतियों में कारोबारी हिस्‍से के तौर पर एआर को शामिल करें।
प्रक्रिया के हर हिस्‍से में सुरक्षा विकसित करें। एआर पहल में सुरक्षा सबसे अहम पहलू है, जिससे डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

 
आई जोखिम/रिवॉर्ड बैरोमीटर का संपूर्ण परिणाम के साथ ही सर्वे रिपोर्ट और इन्‍फोग्राफिक्‍स प्राप्‍त करने के लिए देखें - www.isaca.org/risk-reward-barometer.
 
आईएसएसीए की 2016 आई जोखिम/रिवॉर्ड बैरोमीटर के बारे में 
 
140,000 बिज़नेस टैक्‍नोलॉजी पेशेवरों से ज्‍यादा के वैश्विक संगठन आईएसएसीए द्वारा किए गए आई जोखिम/रिवॉर्ड बैरोमीटर सर्वे में दुनिया भर के हजारों बिज़नेस आईटी पेशेवरों और उपभोक्‍ताओं की उभरती टैक्‍नोलॉजिज के प्रति नजरिए और व्‍यावहार और इसके लाभ तथा जोखिमों के बारे में पता लगाया गया। यह सर्वे 19 से 29 सितंबर, 2016 के दौरान ऑनलाइन किया गया, जिसमें 140 देशों के 6,591 आईएसएसीए सदस्‍यों ने हिस्‍सा लिया। ऑनलाइन सर्वे के अलावा, अमेरिका में 1,230, ब्रिटेन में 1,000, ऑस्‍ट्रेलिया में 1,000, भारत में 1,001 और सिंगापुर में 1,000 उपभोक्‍ताओं के बीच M/A/R/Cद्वारा शोध किया गया। अमेरिका में यह सर्वे 6 से 8 अगस्‍त, 2016 तक चला,जजबकि ब्रिटेन, ऑस्‍ट्रेलिया, भारत और सिंगापुर में 12 से 23 अगस्‍त, 2016 तक यह सर्वे किया गया। 95 प्रतिशत भरोसे के स्‍तर पर, प्रत्‍येक देश के नमूने में +/- 3.1 प्रतिशत त्रुटि मार्जिन हो सकता है।
 
टि्वटर: https://twitter.com/ISACANews
 
* “वर्चुअल एंड ऑग्‍मेंटेड रिएलिटी: अंडरस्‍टैंडिंगद रेस फॉर द नेक्‍स्‍ट अगले कंप्‍यूटिंग प्‍लेटफॉर्म” 13 जनवरी, 2016, गोल्‍डमैन सैक्‍स।
 
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