2015-10-15
A | A- | A+    

Business Wire


आईएसएसीए सर्वेक्षण : भारतीय उपभोक्ताओं के बीच आईओटी की स्वीकार्यता बढ़ रही है; साइबर सुरक्षा के समर्थकों की चेतावनी है कि उपकरणों में पर्याप्त सुरक्षा नहीं होती है

ISACA (5:50PM) 

Business Wire India

क्या इंटरनेट ऑफ थिंग्स सुरक्षित है? अंतरराष्ट्रीय साइबर सिक्यूरिटी एसोसिएशन आईएसएसीए ने संकेत दिया है कि उपभोक्ताओं और साइबर सिक्यूरिटी तथा सूचना तकनालाजी पेशेवरों के बीच कनेक्टेड उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भरोसे की भारी कमी है। 

यह स्मार्ट समाचार विज्ञप्ति मल्टीमीडिया में है। पूरी विज्ञप्ति यहां देखें : http://www.businesswire.com/news/home/20151014005478/en/

आईएसएसीए के 2015 आईटी जोखिम / रीवार्ड बैरोमीटर (2015 IT Risk/Reward Barometer), के मुताबिक सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 81 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ताओं को यकीन है कि उनके पास जो इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) उपकरण हैं उससे वे सुरक्षा नियंत्रित कर सकते हैं। इसके बावजूद, एक समानांतर सर्वेक्षण में भाग लेने वाले दुनिया भर के 7,016 आईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों में सिर्फ 22 प्रतिशत को अपने घर के आईओटी उपकरणों में एकत्र सूचनाओं तक पहुंच रखने वालों पर नियंत्रण रखने के बारे में वही आत्मविश्वास है। 72 प्रतिशत का कहना है कि निर्माता आईओटी उपकरणों में पर्याप्त सुरक्षा नहीं लागू कर रहे हैं।

भारतीय उपभोक्ता कहते हैं कि उनके घरों में आईओटी उपकरणों की औसत संख्या सात है। स्मार्ट टीवी, स्मार्ट घड़ियां और कनेक्टेड होम अलार्म सिस्टम सबसे पसंदीदा आईओटी उपकरणों में है जिन्हें अगले 12 महीनों में प्राप्त किया जाना है। 

छिपी हुई इंटरनेट ऑफ थिंग्स              
          

दुनिया भर में आईटी (सूचना तकनालॉजी) और साइबर सुरक्षा पेशेवरों के बीच किए गए आईएसएसीए सर्वेक्षण से पता चलता है कि आईओटी ऐसी भी हैं जो कई सूचना तकनालाजी संगठनों के रडार के नीचे से निकल जाती हैं। यह एक अदृश्य जोखिम है जिसे कम आंका जाता है और जो जरूरत के मुकाबले कम सुरक्षित है :
 

73 प्रतिशत का अनुमान है कि किसी आईओटी उपकरण के जरिए किसी संस्थान को हैक किए जाने की आशंका मध्यम या उच्च है।
63 प्रतिशत का मानना है कि कार्यस्थल पर आईओटी के बढ़ते उपयोग से कर्मचारी की निजता कम हुई है।
50 प्रतिशत का कहना है कि उनके संस्थान की बीवाईओडी (ब्रिंग योर ओन डिवाइस) नीतिवीयरेबल टेक के मामले में नहीं है।


 

आईएसएसीए के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट क्रिसटॉस डिमिट्रिएडिस ने कहा, “हिडेन इंटरनेट ऑफ थिंग्स में एक चीज और अदृश्य होती है और वह है अनंत प्रवेश केंद्र जिसका उपयोग साइबर हमला करने वाले निजी सूचनाएं और कॉरपोरेट डाटा ऐक्सेस करने के लिए कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “कनेक्टेड उपकरणों के तेज प्रसार के कारण कर्मचारी से संबंधित डाटा का प्रबंध और उनकी सुरक्षा करने की संस्थानों की योग्यता तेजी से पिछड़ती जा रही है।”

सर्वेक्षण में भाग लेने वाले साइबर सिक्यूरिटी और सूचना तकनालाजी पेशेवर के मुताबिक, उपकरण निर्माता चूक रहे हैं। 72 प्रतिशत का कहना है कि वे नहीं मानते हैं कि निर्माता आईओटी उपकरणो में पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू कर रहे हैं।

आईएसएसीए इंडिया साइबर सिक्यूरिटी इनीशिएटिव के सलाहकार अविनाश कदम ने कहा, “भारत में चूंकि आईओटी उपकरणों का उपयोग बढ़ रहा है इसलिए यह महत्त्वपूर्ण है कि उपकरण निर्माता उद्योग व्यापी सुरक्षा मानक अपनाएं जो आईओटी सुरक्षा की जरूरतें पूरी करे। अपने साइबर सुरक्षा कर्मचारियों के लिए उन्हें जटिल सुरक्षा व्यवस्था और व्यावसायिक विकास करने करने की आवश्यकता है। इस कदम से देश में आईओसी की स्वीकार्यता में और तेजी आएगी क्योंकि अनुसंधान से पता चलता है कि ग्राहक की सकारात्मक सोच और साख दिखा पाने योग्य कंपनियों में सीधा संबंध होता है।”

आईएसएसीए ने साइबर सिक्यूरिटी नेक्सस (Cybersecurity Nexus) (सीएसएक्स) की स्थापना की है ताकिसाइबर सुरक्षा कार्यबल का विकास करने में सहायता की जा सके। सीएसएक्स 2015 (CSX 2015)कांफ्रेंस और नए सीएसएक्स प्रैक्टिसनर (CSX Practitioner) प्रमाणन का विवरण यहां है : https://cybersecurity.isaca.org.

आईएसएसीए का वार्षिक आईटी जोखिम / रीवार्ड बैरोमीटर हजारों आईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों और उपभोक्ताओं को दुनिया भर के उपभोक्ताओं को आकर्षित करता है जहां उनके ऐटीट्यूट्स और व्यवहार तथा जोखिम और पुरस्कार को संतुलित करने का खुलासा होता है। नतीजा : www.isaca.org/risk-reward-barometer.

आईएससीए ® (isaca.org) एक ग्लोबल मुनाफा न कमाने वाला संगठन है और 180 देशों में इसके  140,000 पेशेवर हैं।

स्रोत रूपांतर बिजनेसवायर डॉट कॉम पर देखें : http://www.businesswire.com/news/home/20151014005478/en/
 
मल्टीमीडिया उपलब्ध है : http://www.businesswire.com/news/home/20151014005478/en/

संपर्क :
आईएसएसीए के लिए
शैरॉन लोबो, +91-9869813869
sharon.lobo@ketchumsampark.com
या मदीहा वाहिद, +91-9819001881
madiha.vahid@ketchumsampark.com

India, Maharashtra, Mumbai