2015-05-05
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वेल्स फार्गो ईजीएस – भारत को लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड में जगह मिली

Wells Fargo & Company (11:34AM) 

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हैदराबद स्थित वेल्स फार्गो की ऑफिस बिल्डिंग का उल्लेख गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के भारतीय रूपांतर,  लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के 2015 संस्करण में है। यहां पत्थरों की एक प्राकृतिक बनावट है जिसके साथ पैदल चलने का एक लंबा हिस्सा है और यह वेल्स फार्गो एंटरप्राइज ग्लोबल सर्विसेज (ईजीएस) बिल्डिंग के भूतल में शामिल है। इसे “किसी ऑफिस बिल्डिंग में पत्थर का सबसे बड़ा प्राकृतिक बनावट” कहा गया है। पुस्तक में यह एक नई श्रेणी शुरू की गई है। इस बारे में पुस्तक में जो प्रविष्टि है उसमें कहा गया है कि, “ऑफिस बिल्डिंग में पत्थरों के प्राकृतिक बनावट को एकीकृत करने के पीछ कंपनी का लक्ष्य ग्रीन बिल्डिंग और स्थायित्व या निरंतरता के संदेश को फैलाना है।” 

पत्थर की इस बनावट के साथ और इससे नजर आती है – पैदल चलने की जगह जो कोई 191 फीट लंबी है। सबसे ऊंची जगह पर इसकी ऊंचाई 14 फीट है और जहां यह सबसे गहरा है वहां गहराई 25 फीट है।

वेल्स फार्गो इंडिया सोल्यूशंस के प्रबंध निदेशक अवीक मुखर्जी कहते हैं, “हमें इसपर बेहद गर्व है। हैदराबाद में इस टावर के निर्माण के दौरान हमारी लीडरशिप टीम ने सोच-समझ कर यह निर्णय लिया कि पत्थर के मौजूद बनावट का संरक्षण किया जाए और इसे बिल्डिंग में एकीकृत कर लिया जाए। इसका जो परिणाम हुआ वह भी हमारी टीम के सदस्यों के बीच लोकप्रिय है।”

लीगेसी वॉक का उद्घाटन 23 जनवरी 2014 को हुआ था। इस नाम का चुनाव वेल्स फार्गो की विरासत को महत्त्व देने के लिए किया गया था जो पत्थर की ही तरह समय की जांच पर खरा उतरा है।

कल्पना से पूर्णता तक इस पहल का नेतृत्व करने वाले मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुनील सी कोराह कहते हैं, “लीगेसी वॉक पर जब हमने काम शुरू किया तो शुरू में यह इंजीनियरिंग की चुनौती लग रही थी पर अब इसी ने बिल्डिंग को मशहूर बना दिया है। एक बार जब हमलोगों ने तय कर लिया कि पत्थरों के प्राकृतिक बनावट को बिल्डिंग डिजाइन में एकीककृत करेंगे तो हमनें बगैर किसी दोष या कमी के इसे पूरा करने का काम शुरू कर दिया। परियोजना को पूर्ण करने में हमें करीब एक साल लगा। आज यह लीगेसी वॉक अपनी कल्पना के अनुकूल है और गठजोड़ तथा स्थायित्व और निरंतरता के प्रति हमारी कटिबद्धता की एक जगह के रूप में मौजूद है।”

लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के 2015 संस्करण में वेल्स फार्गो एंटरप्राइज ग्लोबल सर्विसेज के प्रमाणपत्र की स्कैन की हुई प्रति जिसमें किसी ऑफिस बिल्डिंग में पत्थर के प्राकृतिक और सबसे बड़े बनावट को एकीकृत किए जाने के दावे को रिकॉर्ड किया गया है। (फोटो : बिजनेस वायर)
भूगर्भशास्त्री कहते हैं कि हैदराबाद और इसके आस-पास लीगेसी वॉक तथा ऐसे अन्य बनावटों में जिस पत्थर का उपयोग किया गया है वे 2.5 अरब साल पुराने हैं पर तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण खतरे में हैं। लीगेसी वॉक का पत्थर ग्रेनाइट से बना है जो एक अन्तर्वेधी आग्नेय पत्थर है तथा पोटैशियम फैल्डस्पार तथा क्वार्ट्ज में समृद्ध हैं। 

कॉरपोरेट ससटेनेबिलिटी की प्रमुख विष्णुप्रिया सक्सेना ने कहा, “वेल्स फार्गो में हम अपनी विरासत के संरक्षण में यकीन करते हैं। एक जिम्मेदार कॉरपोरेट नागरिक होने के नाते हम अपनी टीम के सदस्यों को प्रेरित करते हैं कि वे पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जुड़ें। पत्थरों की बनावटें हैदराबाद शहर की विरासत हैं और पत्थर की इस प्राकृतिक बनावट को अपनी बिल्डिंग डिजाइन में शामिल करके हम अपने ढंग से विरासत के एक हिस्से का संरक्षण कर रहे हैं।”

वेल्स फार्गो की टीम के सदस्य अक्सर इस पत्थर की बनावट के पास से गुजरते हैं और पास के एम्पीथिएटर व पुस्तकालय में इकट्ठे होते हैं। इससे वे इसे देखने का आनंद ले सकते हैं।

मोर्टगेज एनालिस्ट एवलीन सेठी ने कहा, “इस क्षेत्र मुझे शांति का अहसास होता है। कॉरपोरेट माहौल में काम करने वालों लोगों के लिए यह बहुत उपयोगी हो सकता है। लीगेसी वॉक एक ऐसी जगह की खासियत है जो वैसे भी काम करने के लिए बहुत अच्छी जगह है और हम इसे संभव करने के लिए वेल्स फार्गो का आभार जताते हैं।”

टीम के सदस्य और प्रोजेक्ट मैनेजर, वेदव्रत मैडीशेट्टी जैसे लोग लीगेसी वॉक में गर्व महसूस करते हैं खासकर अब जब इसे लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पहचान मिल गई है।

उनका कहना है, “लीगेसी वॉक क्षेत्र से जुड़ा मेरा अनुभव तबका है यब यह महज पत्थर का एक टुकड़ा था। और हम सब कल्पना करते थे कि यह क्या हो सकता है। आज जब मैं इस क्षेत्र से गुजरता हूं और देखता हूं कि कैसे टीम के सदस्य और आगंतुक इसे और इसके आस-पास की जगह को देखकर प्रभावित होते हैं और यह सब देखकर जो महसूस होता है वह सब बयान नहीं किया जा सकता है यह एक अनूठी जगह है जो आज के कॉरपोरेट सेटिंग में सुनी हुई जगह नहीं है।”

वेल्स फार्गो एंटरप्राइज ग्लोबल सर्विसेज - इंडिया के बारे में

अंतरराष्ट्रीय माहौल में कारोबार करने के विशिष्ट फायदों को आगे बढ़ाने के लिए वेल्स फार्गो (वेल्स फार्गो बैंक एनए) की रणनीति का एक अहम भाग है वेल्स फार्गो एंटरप्राइज ग्लोबल सर्विसेज (ईजीएस)। वेल्स फार्गो ईजीएस – इंडिया (वेल्स फार्गो इंडिया सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और वेल्स फार्गो इंटरनेशनल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) मुख्य रूप से वेल्स फार्गो की टेक्नालॉजी, परिचालन, ज्ञान सेवाओं और कॉरपोरेट सपोर्ट टीम का विस्तार है। यह एपलीकेशन डेवलपमेंट और सपोर्ट, टेस्टिंग, अन्य टेक्नालॉजी फंक्शन, अंतरराष्ट्रीय परिचालन, नॉलेज सपोर्ट, मिडिल और बैक एंड बैंकिंग प्रोसेस सोल्यूशन आदि के काम करता है जो वेल्स फार्गो की भिन्न आवश्यकताओं के लिए होता होता है। इस समय इन इकाइयों की 5000 से ज्यादा की टीम है जो हैदराबाद, बेंगलुरू और चेन्नई स्थित इनके कार्यालयों में है।

वेल्स फार्गो के बारे में

वेल्स फार्गो एंड कंपनी (एनवाईएसई : डब्ल्यूएफसी) एक देशव्यापी, विविधीकृत, सामुदायिक आधारित  वित्तीय सेवा कंपनी है जिसकी परिसंपत्तियां 1.7 खरब डॉलर की हैं। इसकी स्थापना 1852 में हुई थी और मुख्यालय सैनफ्रांसिस्को में है। वेल्स फार्गो 8700 स्थानों, 12,500 एटीएम और इंटरनेट (wellsfargo.com) के जरिए  बैंकिंग, बीमा, निवेश, मोर्टगेज और उपभोक्ता तथा वाणिज्यिक फाइनेंस मुहैया कराता है। 36 देशों में इसके कार्यालय हैं जो अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में कारोबार करने वाले ग्राहकों को सपोर्ट करते हैं। करीब 266,000 टीम सदस्यों के साथ वेल्स फार्गो अमेरिका के तीन में से एक घर की सेवा करता है। वेल्स फार्गो और कंपनी को अमरिका के सबसे बड़े कॉरपोरेशन की फॉर्च्यून 2014 की सूची में 29 वां स्थान मिला था। वेल्स फार्गो का विजन अपने सभी ग्राहकों की वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करना है और उन्हें आर्थिक तौर पर कामयाब होने में सहायता करना है। वेल्स फार्गो का परिप्रेक्ष्य और कहानियां wells fargo blogs  और wells fargo stories पर उपलब्ध है।

फोटो / मल्टीमीडिया गैलरी उपलब्ध है: http://www.businesswire.com/multimedia/home/20150429006419/en/
 
मल्टीमीडिया उपलब्ध है : http://www.businesswire.com/cgi-bin/mmg.cgi?eid=51091252&lang=en 
 
संपर्क :
वेल्स फार्गो एंड कंपनी
चेतन मलिक k,+918790994764(cell)
Chetan.mallik@wellsfargo.com 
Photo Caption: A scanned copy of the certificate featuring the Wells Fargo Enterprise Global Services - India record claim of "Largest natural rock formation integrated into an workspace" in the 2015 edition of the Limca Book of Records. (Photo: Business Wire)

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