शिक्षा/कला/संस्कृति/किताबें


  • मुट्ठी भर कश्मीरी पंडितों ने घाटी में अपनी संस्कृति को जीवित रखा(17:43)
    आर सी गंजू
    नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)| कश्मीरी पंडितों का कश्मीर से 1989-1990 के दौरान जब जबरन पलायन हुआ तो समुदाय के कुछ हजार लोग ऐसे भी थे जिन्होंने घाटी नहीं छोड़ी थी। इनमें से कुछ प्रमुख राजनीतिक या व्यावसायिक परिवारों को छोड़कर औरों के बारे में बहुत कुछ नहीं सुना गया क्योंकि प्रवासी कश्मीरी पंडितों ने उन लोगों की अनदेखी की जो घाटी में रह गए।
  • आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, नैनोटेक्नोलॉजी के साथ शिक्षा में नई शुरुआत(16:28)
    नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)| मानव संसाधन विकास मंत्रालय कोई भी निर्णय लेते समय छात्रों के भविष्य के साथ-साथ उनके स्वास्थ को सुरक्षित रखने को प्राथमिकता देगा। इसके साथ ही मंत्रालय पीएम ई-विद्या, वन नेशन, वन चैनल जैसी पहल प्रभावी तरीके से लागू करेगा, ताकि सभी वर्गो तक इस संकटकाल में शिक्षा पहुंचाई सके।
  • पाठ्यक्रम में कटौती को लेकर गलत नैरेटिव सेट न करें : निशंक(15:43)
    नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)| कोरोना महामारी को देखते हुए कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के सिलेबस में कटौती की गई है। सीबीएसई ने पाठ्यक्रम को 30 प्रतिशत तक कम कर दिया है। यह कटौती केवल मौजूदा शैक्षणिक वर्ष तक सीमित रहेगी। हालांकि अब इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीबीएसई के इस कदम पर प्रश्न उठाए हैं।
  • चीन में विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा शुरू(23:57)
    बीजिंग, 7 जुलाई (आईएएनएस)| इस साल चीन में विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा 7 जुलाई को शुरू हुई, जिसमें 1 करोड़ 7 लाख 10 हजार छात्र भाग ले रहे हैं। यह परीक्षा कोविड-19 महामारी फैलने के बाद पूरे चीन में सबसे बड़े पैमाने वाली सामूहिक गतिविधि है।
  • चीन में काओ खाओ परीक्षा शुरू(23:55)
    बीजिंग, 7 जुलाई (आईएएनएस)| चीन में होने वाले सालाना कॉलेज एंट्रेंस एग्जाम यानी काओ खाओ को दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा में हर साल लाखों की संख्या में छात्र हिस्सा लेते हैं। यह एक ऐसा एग्जाम होता है जो बारहवीं पास करने के बाद छात्रों के आगे के कॉलेज और भविष्य की दिशा तय करता है।
  • सीबीएसई ने सिलेबस से हटाए जीएसटी, राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता के अध्याय(22:29)
    नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)| कोरोना महामारी के कारण देश में पैदा हुए हालात के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 9 से 12 तक के सिलेबस में कटौती की है। मूल अवधारणाओं को बनाए रखते हुए पाठ्यक्रम को यथांसभव 30 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। पाठ्यक्रम में कटौती के बाद अब धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रवाद जैसे कई अध्यायों को मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के लिए पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है।
  • कोविड19 : सीबीएसई के सिलेबस में 30 प्रतिशत कटौती (लीड-1)(18:03)
    नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)| कोरोना महामारी संक्रमण को देखते हुए कक्षा 9 से 12 तक छात्रों के सिलेबस में कटौती की गई है। मूल अवधारणाओं को बनाए रखते हुए पाठ्यक्रम को यथांसभव 30 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। यह कटौती केवल मौजूदा शैक्षणिक वर्ष तक सीमित रहेगी। फिलहाल इसका फायदा सिर्फ कक्षा 9 से 12 तक के स्कूली छात्रों को ही मिलेगा।
  • कोविड19 : सीबीएसई के स्कूली सिलेबस में 30 प्रतिशत कटौती(17:56)
    नई दिल्ली, 7 जुलाई आईएएनएस। कोरोना महामारी संक्रमण को देखते हुए छात्रों के सिलेबस में कटौती की गई है। मूल अवधारणाओं को बनाए रखते हुए पाठ्यक्रम को यथांसभव 30 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। यह कटौती केवल मौजूदा शैक्षणिक वर्ष तक सीमित रहेगी। फिलहाल इसका फायदा सिर्फ कक्षा 9 से 12 तक के स्कूली छात्रों को ही मिलेगा।
  • छात्रों की सुरक्षा और उन्नति के लिए बदले गए परीक्षा के दिशानिर्देश : निशंक(17:06)
    नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)| केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा कि यूजीसी ने विश्वविद्यालय की परीक्षाओं से संबंधित अपने पहले के दिशानिर्देशों में परिवर्तन किया है। छात्रों की सुरक्षा, भविष्य, उन्नति और प्लेसमेंट के मद्देनजर गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श से ये परिवर्तन किए गए हैं।