समाज/धर्म/जीवनशैली


  • भारत की संस्कृति, धर्म अविरल है : स्वपन दासगुप्ता(20:02)
    कोलकाता, 23 जनवरी (आईएएनएस)| भाजपा के राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता का कहना है कि भारत ऐसा नहीं हो सकता कि अपनी संस्कृति से पूरी तरह से वंचित हो। भारत का निश्चित अस्तित्व है और भारत माता उस निरंतरता का हिस्सा हैं।
  • झांसी में यूनीफॉर्म पाकर खुश हुए दिव्यांग बच्चे(19:06)
    झांसी, 23 जनवरी (आईएएनएस)| बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी छावनी क्षेत्र में स्थित आशा विद्यालय के बच्चों के बीच एक गैर-सरकारी संगठन हमकदम ने स्कूल ड्रेस (यूनीफॉर्म) बांटा। दिव्यांग बच्चे स्कूल ड्रेस पाकर फूले नहीं समाए।
  • गंगा हमारी आस्था ही नहीं, अर्थव्यवस्था भी है : योगी(13:46)
    लखनऊ , 23 जनवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा 'हमारी आस्था ही नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था भी है' और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार गंगा यात्रा शुरू कर रही है।
  • बुंदेलखंड : अवैध रेत खनन गरीबों की रोटी का बना जुगाड़!(08:53)
    आर. जयन
    बांदा, 23 जनवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश में रेत (बालू) का अवैध खनन भले ही प्रतिबंधित हो, लेकिन इसका दूसरा पहलू यह भी है कि बुंदेलखंड में रोजगार के लिए तरस रहे गरीब-गुरबों के लिए यह दो वक्त की रोटी का 'जुगाड़' बन गया है। बालू खनन से मिल रहे रोजगार की वजह से वे अब कमाने परदेस नहीं जाते।
  • जहां हिंदू बच्चे गुनगुनाते हैं 'उर्दू तराने', मुस्लिम रटते हैं 'संस्कृत श्लोक'(08:20)
    विवेक त्रिपाठी
    गोंडा, 23 जनवरी (आईएएनएस)| कभी नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) तो कभी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर हिंदू व मुसलमानों के बीच खाई पैदा होती नजर आ रही है। ऐसे में गोंडा जिले का वजीरगंज नई इबारत लिख रहा है। यहां के एक मदरसे में हिंदू बच्चे उर्दू की तालीम ले रहे हैं और मुस्लिम बच्चों के कंठों से निकलने वाले 'संस्कृत श्लोकों' से यह मदरसा झंकृत हो रहा है।
  • खामोश सियाराम के बोलते हैं समोसे, इशारे समझती हैं उंगलियां(08:52)
    विवेक त्रिपाठी
    गोंडा, 22 जनवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के वजीरगंज कस्बे में चाय-पकौड़ी की दुकान करने वाला सियाराम भले ही खामोश है, उसे कानों से सुनाई नहीं देता, पर ग्राहकों के इशारे पर चलने वाली उसकी उंगलियां सब कुछ बोल, सुन और समझ लेती हैं।
  • फुल ड्रेस रिहर्सल, गणतंत्र दिवस परेड पर आप फंस सकते हैं जाम में(21:20)
    संजीव कुमार सिंह चौहान
    नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)| फुल ड्रेस रिहर्सल (23 जनवरी) और फिर 26 जनवरी यानी को गणतंत्र दिवस वाले दिन नई दिल्ली जिले में जाने से जहां तक संभव हो, बचने की कोशिश करें। वरना आपको जाम में फंसना पड़ सकता है। या फिर लंबे रास्तों से घूमकर मंजिल तक पहुंचना पड़ेगा।