फीचर


  • झारखंड में प्रवासी युवकों पर नक्सली संगठन की नजर!(11:37)
    रांची, 8 जुलाई (आईएएनएस)| झारखंड में नक्सली संगठनों की नजर अब कोरोना काल में अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों पर है। नक्सली संगठन ऐसे बेरोजगार युवकों को अपने संगठन में शामिल करने के लिए लालच दे रहे हैं। संगठन के लोग ऐसे बेरोजगार युवकों को 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपये प्रति माह से देने का सब्जबाग भी दिखा रहे हैं, ताकि वे संगठन में शामिल हो जाएं।
  • झारखण्ड : नेतरहाट में स्ट्रॉबेरी की खेती से जीवन में मिठास घोल रहे किसान(10:40)
    मनोज पाठक
    लातेहार (झारखंड ), 6 जुलाई (आईएएनएस)| झारखंड की खूबसूरत वादियों के बीच बसे विश्व प्रसिद्घ पर्यटनस्थलों में शुमार नेतरहाट के किसान अब स्ट्रॉबेरी की खेती करने लगे हैं। फि लहाल यहां दो एकड़ भूिम पर खेती हो रही है लेकिन किसानों को आने वाले समय में इससे अच्छे आर्थिक लाभ की उम्मीद जगी है।
  • बिहार : ग्रामीण बच्चों को खेल-खेल में शिक्षित कर रही 'शिक्षा सहेली मां'(11:16)
    मनोज पाठक
    मुजफ्फरपुर, 4 जुलाई (आईएएनएस)| एक ओर जहां कोरोना संक्रमण काल में बिहार में सरकारी और निजी स्कूलों द्वारा बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है वहीं कई ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे बच्चे भी हैं, जिनके पास ना टीवी और और न ही स्मार्ट फोन हैं। ऐसे में राज्य के 37 गांवों में ऐसे ग्रामीण बच्चों को लिए गांव की मांएं ही 'शिक्षा सहेली' बनी हुई हैं। गांव की पढ़ी लिखी ये मां अब ऐसे बच्चों को नई दिशा दिखा दे रही हैं।
  • दिव्यांगों के लिए आत्मनिर्भरता का साधन बना एक दिव्यांग(14:34)
    विवेक त्रिपाठी
    वाराणसी, 25 जून (आईएएनएस)| काम की तलाश में संघर्ष करते दिव्यांग संतोष कुमार ने अपनी कमजोरी को ताकत बनाया और दूसरे लोगों का सहारा बन गए। आज वह 20 दिव्यांगों को रोजगार दे रहे हैं। खुद अपाहिज होते हुए भी दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटे हैं।
  • नो एंट्री में प्रवेश करते ही वाहन का इंजन होगी बंद!(14:32)
    विवेक त्रिपाठी
    वाराणसी, 24 जून (आईएएनएस)| नो एंट्री इलाकों में वाहनों का प्रवेश रोकने में अब यातायात पुलिस को जद्दोजहद नहीं करनी होगी। ऐसा वाराणसी के छात्रों द्वारा तैयार किये गए 'कोविड-19 स्मार्ट नो एंट्री ट्रैफि क सिस्टम' से संभव होगा। नो-एंट्री में प्रवेश करने वाले वाहनों के इंजन को 300 मीटर की रेंज में आने पर उसके इंजन को बन्द करने और यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने में यह पूरी तरह सक्षम है। यही नहीं, कोरोना काल में इसका उपयोग सील किए गए इलाकों में वाहनों को रोकने में भी किया जा सकता है।
  • बिहार : तेजस्वी के सामने राजद को एकजुट रखने की चुनौती(12:23)
    मनोज पाठक
    पटना, 24 जून (आईएएनएस)| इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा और अगले महीने होने वाले विधान परिषद चुनाव के नौ सीटों पर होने वाले चुनाव के पहले राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को मंगलवार को लगे देाहरे झटके से उबर पाना आसान नहीं है।
  • डॉ. मुखर्जी बलिदान दिवस: भारत की सीमाओं को अक्षुण्ण किए बिना नहीं रुकेगा यह अभियान(16:19)
    भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस (23 जून) पर जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष भटनागर ने एक अहम लेख लिखा है। इस लेख में उन्होंने, डॉ. मुखर्जी के देश के लिए किए गए बलिदान और जम्मू-कश्मीर में एक विधान-एक निशान को लेकर उनके संकल्प और इच्छाशक्ति पर चर्चा की है। आशुतोष भटनागर ने अपने लेख में यह भी बताया है कि पंडित नेहरू से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कोई व्यक्तिगत मतभेद नहीं था।
  • खाकी का अभिनव अभियान 'रक्तांजलि'(14:03)
    स्ांदीप पौराणिक
    उमरिया, 22 जून (आईएएनएस)| कोरोना महामारी एक बड़ी आपदा बनकर आई है, जिसने जिंदगी के सामने मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर दिया। ऐसे में मध्य प्रदेश की उमरिया जिले की पुलिस खून की समस्या के चलते जिंदगी और मौत से संघर्ष करने वालों के लिए देवता बनकर सामने आई और 'रक्तांजलि अभियान' के जरिए कई लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकालने का काम किया है।
  • आत्म-निर्भर भारत : हौसले के पंख से उड़ान भर रहे दिव्यांग जितेंद्र(12:59)
    विवेक त्रिपाठी
    वाराणसी, 22 जून (आईएएनएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के निवासी जितेंद्र वर्मा अपने आधे शरीर के काम न करने के बाद भी हौसलों के पंखों से उड़ान भर रहे हैं। 17 वर्ष पहले छत से गिरने की वजह से कमर के नीचे के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था, बावजूद इसके हार नहीं मानी। कुछ ही दिनों बाद सिलाई मशीन पर काम करना शुरू किया और अब 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने में जुटे हैं।
  • अंग्रेजों से लड़ते 2 बार जेल गए थे आरएसएस संस्थापक डॉ. हेडगेवार (पुण्यतिथि विशेष)(21:00)
    नवनीत मिश्र
    नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)| वर्ष 1921 की बात है। पूरा देश महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे असहयोग आंदोलन के पीछे एकजुट हो चला था। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, कांग्रेस के उन नेताओं में थे, जो जनता में देशभक्ति की भावनाएं जगाने के लिए उग्र भाषणों के लिए जाने जाते थे। इस आंदोलन में अंग्रेजों ने उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक साल कठोर कारावास की सजा पूरी करने के बाद वह 12 जुलाई 1922 को छूटे थे। मगर, जेल में रहने के दौरान इस बात ने उन्हें परेशान कर रख दिया , हमारी संख्या बड़ी है, फिर भी हम मुट्ठी भर अंग्रेजों के गुलाम क्यों हैं? हम हिंदू ही स्वार्थी, असंगठित और अनुशासनहीन बन गए हैं। शत्रुओं ने हमारे दुगुर्णों का लाभ उठाया। यह दुर्गुण दूर करने होंगे। फिर, उन्होंने तय किया कि अब सारे कार्य छोड़कर सबको संगठित करना है।
  • मप्र के उपचुनाव में 'दगाबाजी' और 'दलित उपेक्षा' को मुद्दा बनाने की कोशिश(12:44)
    संदीप पौराणिक
    भोपाल, 21 जून (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव होने के बाद 24 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस जहां दगाबाजी को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है तो वहीं भाजपा ने दलित उपेक्षा को बड़ा मुद्दा बनाने के लिए कदमताल तेज कर दी है।
  • भारत-नेपाल रिश्ते दुरुस्त करने में तुरुप का पत्ता साबित होंगे योगी!(14:39)
    विवेक त्रिपाठी
    गोरखपुर, 20 जून (आईएएनएस)| चीन से तनातनी के बीच मौजूदा समय में नेपाल-भारत रिश्तों की अनदेखी नहीं कि जा सकती है। लेकिन चिंता का विषय यह है कि चीन के दबाव में आकर नेपाल ने सदियों पुराने रोटी-बेटी के रिश्तों को दरकिनार कर दिया है। बावजूद इसके गोरखनाथ मंदिर और आम जनमानस के मधुर रिश्तों से दोनों देशों के पुराने रिश्तों में रवानगी लाई जा सकती है। इसे दुरुस्त करने को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं।
  • झारखंड में कोरोना के खिलाफ जंग के लिए महिलाओं को तैयार कर रही 'दीदियां'(13:46)
    मनोज पाठक
    रांची, 20 जून (आईएएनएस)| कोरोना संक्रमण के इस दौर में प्रवासियों के लौटने के बाद झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रवासियों की वापसी के बाद ग्रामीण इलाकों में संक्रमण के फैलने का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में ग्रामीणों को संक्रमण से बचाव एवं सुरक्षित करने के लिए झारखंड में सखी मंडल के जरिए एक अभिनव प्रयास किया जा रहा है।
  • कोरोना योद्धा 'उज्मा के जज्बे' को सलाम, मुस्लिम समाज के लिये नजीर(12:39)
    विवेक त्रिपाठी
    लखनऊ, 18 जून (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का गली-कूचा, मुंह पर मास्क और चेहरे पर बुर्का, तहजीब की एक जीती-जागती मिशाल। इतना ही नहीं, पीठ पर लदे सैनेटाइजर मशीन से राजधानी को पूरी तरह कोरोना मुक्त करने की जिद ने इसे आम से खास बना दिया है। वजह, उज्मा नाम की इस महिला में न सिर्फ समाज के सुरक्षा की चिंता बल्कि कोरोना को राजधानी क्षेत्र से बाहर भागने की जिद भी है। बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने को इकट्ठा किये धनराशि से ही उसने सैनेटाइजर, मशीन और जरूरी सामानों का प्रबंध कर इस लक्ष्य को पूरा करने में जुटी है।
  • मप्र की सियासत में ऑडियो-वीडियो और पुलिस नए किरदार(13:50)
    संदीप पौराणिक
    भोपाल, 17 जून (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश में आगामी समय में होने वाले 24 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां जारी है मगर इस बार के चुनाव आम आदमी से जुड़े मुद्दों की बजाय किसी और मुद्दों पर लड़े जाने वाले हैं इसकी झलक अभी से मिलने लगी है। सियासत में ऑडियो-वीडियो के साथ पुलिस बड़ी किरदार बनती जा रही है।
  • लेमन ग्रास की खेती से आत्मनिर्भर बन रही झारखंड की ग्रामीण महिलाएं(12:31)
    मनोज पाठक
    रांची, 17 जून (आईएएनएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लोकल को वोकल' नारे को झारखंड की महिलाएं साकार करती नजर आ रही है। पाकुड़ जिले की दो महिलाएं लेमन ग्रास की खेती कर ना केवल अपने सपनो को साकार करने में जुटी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने की राह दिखा रही हैं।
  • बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जातीय समीकरण दुरूस्त करने में जुटे दल(14:09)
    मनोज पाठक
    पटना, 16 जून (आईएएनएस)| बिहार विधान परिषद की विधानसभा कोटे की नौ सीटों के चुनाव की घोषणा के बाद से ही सभी प्रमुख दलों में उम्मीदवारों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल इस साल के अंत में होने वाले संभावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस चुनाव के जरिए जातीय समीकरण दुरूस्त करने को लेकर माथपच्ची में जुट गए हैं जबकि विधान परिषद पहुंचने की चाहत रखने वाले नेताओं से गोलबंदी प्रारंभ कर दी है।
  • बिहार : स्लम के बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगा रहा चौकीदार, डीजीपी ने की बात(12:43)
    मनोज पाठक
    पटना, 16 जून (आईएएनएस)| बिहार के भागलपुर जिले के एक चौकीदार सचिन उर्फ सिंघम पासवान आज अपनी ड्यूटी करने के अलावा स्लम के बच्चों को एकत्रित कर पढ़ाते भी हैं। सिंघम का कहना है कि वे खुद ज्यादा नहीं पढ़ सके, जिसकी कसक आज भी उनके मन में हैं अब वे इन बच्चों के लिए एक छोटी कोशिश कर रहे हैं। सिंघम के इस कार्य के लिए बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडेय भी तारीफ कर चुके हैं।
  • मप्र के हर हिस्से में कोरोना की दस्तक, गांव में भी मरीज बढ़े(13:20)
    संदीप पौराणिक
    भोपाल, 14 जून (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता गया और उसने राज्य के सभी 52 जिलों में दस्तक दे दी है। अब तक निवाड़ी जिला ऐसा था, जहां कोरोना का संक्रमित मरीज नहीं मिला था, मगर अब यहां भी संक्रमित मरीज मिलने से पूरा प्रदेश ही इस बीमारी की गिरफ्त में आ चुका है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी मरीज बढ़ रहे हैं।
  • बिहार : 'बेटी-रोटी' संबंध वाले नेपाल से तू-तू, मैं-मैं !(13:47)
    मनोज पाठक
    पटना/सीतामढ़ी, 13 जून (आईएएनएस)| वर्षो से बिहार और नेपाल का संबंध बेटी-रोटी का रहा है, लेकिन अब नेपाल सीमा पर तनाव बना हुआ है। पश्चिम चंपारण से लेकर पूर्णिया तक की सटी सीमाओं पर लगातार छोटी सी छोटी बातों को लेकर विवाद उत्पन्न होने के बाद से इस बेटी-रोटी के संबंध अब तू-तू, मैं-मैं की जगह ले ली है।