फीचर


नीतीश करते रहे हैं 'सेफ फेस' की राजनीति! (10:28)
मनोज पाठक
पटना, 28 मई (आईएएनएस)| बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भोज में खुद न जाकर शरद यादव को भेजकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भोज में शामिल होकर बिहार में नई राजनीतिक संभावनाओं को लेकर बहस की शुरुआत जरूर कर दी हो, लेकिन यह कोई पहला मामला नहीं है कि नीतीश विपक्ष के 'पक्ष' में नजर आए हैं।

गर्भाशय कैंसर किसी भी उम्र में संभव : डॉ. रेणु जैन (21:39)
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)| गर्भाशय कैंसर ऐसी बीमारी है जो किसी भी महिला को किसी भी उम्र में हो सकती है। इस बीमारी की समय पर पहचान हो जाए और सही इलाज हो, तो इससे मुक्ति पाई जा सकती है। यह बात अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य दिवस (28 मई) की पूर्व संध्या पर शनिवार को जेपी हॉस्पिटल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रेणु जैन ने कही।

मोदी के तीन साल : जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद ने ली अधिक जानें (18:16) IANS Photo Service
अभीत सिंह सेठी
देश की केंद्रीय सत्ता में नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद बीते तीन वर्षो में जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद के कारण हुई मौतों में 42 फीसदी का इजाफा हुआ है।

'गुस्से को सही मानते थे गांधी' (08:02)
साकेत सुमन
अपने शांत व संयत व्यक्तित्व के लिए जाने जाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी गुस्सा को सही मानते थे और कहते थे कि इससे 'हमें सही व गलत के बीच अंतर करने में मदद मिलती है।'

उज्मा पर फैसला बदलाव की आहट (20:18)
रमेश ठाकुर
पाकिस्तान की इस्लामाबाद अदालत ने एक मानवीय फैसला सुनाकार लोगों की दुर्दात सोच को बदलने की कोशिश की है। अदालत के इस फैसले ने भारत-पाक के बीच तल्ख हुए रिश्तों की दरारों में मोहब्बत की सीमेंट भरने का काम किया है। उज्मा पर दिए फैसले की चारो ओर सराहना हो रही है। कोर्ट के फैसले ने हर हिंदुस्तान की दिल जीता है।

बिहार : दहेज की मांग पर बारात लौटाने वाली धनमंती बनी 'प्रेरणादूत' (17:04)
मनोज पाठक
पटना, 26 मई (आईएएनएस)| आपने अब तक शराबी दूल्हे या 'स्मार्ट' नहीं दिखने पर दूल्हे को बारात सहित लौटाने की घटना देखी और सुनी होगी, लेकिन बिहार में पटना के ढिबरा गांव की धनमंती कुमारी ने अपने पिता की इज्जत नीलाम होती देखकर विवाह मंडप में न केवल अपनी जयमाला तोड़कर फेंक दी, बल्कि दहेज के लालची दूल्हे से विवाह करने से भी इनकार कर दिया। पटना जिला प्रशासन ने धनवंती की हिम्मत को दाद देते हुए उसे 'प्रेरणादूत' सम्मान से सम्मानित किया है।

धरती की चेतावनी को समझने का वक्त आ गया है (09:47)
ऋतुपर्ण दवे
देश में धान का कटोरा कहा जाने वाला छत्तीसगढ़, उसमें भी खास पहचान लिए बिलासपुर, 23 मई को बेहद तेजी से, एकाएक 50 डिग्री सेल्सियस को छूते तापमान से चर्चाओं में आ गया। सहसा विश्वास भी करें तो कैसे? लेकिन सारे के सारे थर्मामीटर चढ़ते सारे वीडियो रिकॉर्ड दगा थोड़े ही दे जाएंगे।

'बस्तर की शार्क' लुप्त होने के कगार पर! (With Images) (08:38)
जगदलपुर, 25 मई (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ की इंद्रावती नदी में पाई जाने वाली संकटग्रस्त बोध नामक मछली का बड़े पैमाने पर शिकार हो रहा है। इस मछली को बचाने की मांग 15 साल से जारी है, लेकिन 'बस्तर की शार्क' के नाम से लोकप्रिय बोध मछली को बचाने का प्रयास शासन स्तर पर नहीं हो रहा है।

बासगुड़ा के बाजार में आज भी नहीं चलते रुपये (10:45)
एस. करीमुद्दीन
बीजापुर (छत्तीसगढ़), 24 मई (आईएएनएस/वीएनएस)। जिला मुख्यालय से महज 50 किलोमीटर दूर बसे बासगुड़ा में शुक्रवार को लगने वाले बाजार में रुपये नहीं चलते। यहां आज भी सामान के बदले सामान ही मिलता है।

पाकिस्तान को भूख और प्यास का तोहफा देगा सिंधु कास्केड (09:41)
जॉयदीप गुप्ता
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)| उत्तरी सिंधु नदी कास्केड में चीन के सहयोग से बनने वाले पांच बांध 22,000 मेगावाट तक बिजली पैदा कर सकते हैं, जो बिजली की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा, लेकिन ये बांध गाद के बहाव को रोक देंगे, जो निचले इलाकों में कृषि की जीवन रेखा है।

हुर्रियत फंडिंग की फांस में (19:59)
रमेश ठाकुर
राष्ट्रीय सुरक्षा जांच एजेंसी द्वारा कश्मीर में हुर्रियत नेताओं की धरपकड़ जारी है। कुछ भूमिगत हो गए हैं, तो कुछ हलकान। एनआईए की कार्रवाई की गूंज पाकिस्तान में बैठे हुर्रियतों के आकाओं के कान में भी गूंजने लगी है।

उदारवादी समाज सुधारक थे राजा राममोहन राय (जन्मदिन विशेष) (18:41)
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)| सदियों पहले ब्रिटिश शासन के दौरान प्रशासन में सुधार के लिए आंदोलन करने वाले और सती प्रथा, अंधविश्वास, बहुविवाह तथा जाति प्रथा का विरोध करने वाले पहले व्यक्ति थे राजा राममोहन राय। उन्होंने समाज सुधार के कई कार्य किए।

भारत बन रहा कुशल श्रमिक बल का केंद्र (19:27)
सरिता बरारा
आज के समय में किसी भी देश की आर्थिक वृद्धि के लिए 'कौशल विकास' और 'ज्ञान' बहुत जरूरी है। भारत जैसे देश के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 1.30 करोड़ युवा रोजगार बाजार में प्रवेश करते हैं। इसके अलावा अन्य कारणों से भी देश की आर्थिक वृद्धि के लिए 'कौशल विकास' महत्वपूर्ण होता है।

सौराठ सभा : जहां लगती है दूल्हों की हाट (फोटो सहित) (With Images) (18:03)
मनोज पाठक
मधुबनी (बिहार), 21 मई (आईएएनएस)| बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में 'सौराठ सभा' यानी दूल्हों का मेला, प्राचीन काल से लगता आया है। यह परंपरा आज भी कायम है। आधुनिक युग में इसकी महत्ता को लेकर बहस जरूर तेज हो गई है।

कान्स फिल्मोत्सव से बम अलर्ट हटाया गया (08:49)
पेरिस, 21 मई (आईएएनएस)| फ्रांस में चल रहे कान्स फिल्मोत्सव के दौरान शनिवार को एक संदिग्ध बैग मिलने के बाद बम अलर्ट जारी कर दिया गया लेकिन पुलिस की जांच के बाद इसे तुरंत हटा भी दिया गया।

शरद जोशी : जिन्होंने हिंदी व्यंग्य को दिलाई प्रतिष्ठा (जन्मदिन : 21 मई) (18:49)
नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)| हिंदी के प्रमुख व्यंग्यकार शरद जोशी को हो सकता है, कम लोग जानते हों। यह भी संभव है कि नई पीढ़ी उनसे बिल्कुल अनजान हो, लेकिन उनकी व्यंग्यात्मक कहानियों पर आधारित धारावाहिक 'लापतागंज' से सभी वाकिफ होंगे, जिसका प्रसारण मनोरंजन चैनल 'सब' पर किया गया।

जाधव पर जेल में हमले की आशंका (17:41)
रमेश ठाकुर
पाकिस्तान जाधव को न छोड़ने की तरकीब जरूर खोजेगा। पूर्व में हमारे किसी भी कैदी को सकुशल नहीं छोड़ा। सबरजीत सिंह को छोड़ने का जब अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ा, तो उसे जेल में मरवा दिया गया। इसके बाद एक और भारतीय कैदी किरपाल सिंह को भी मरवा दिया।

कर्मियों को तनाव मुक्त रखने को कंपनियां करें ये जतन (21:14)
नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)| अगर कंपनियां अपने कर्मचारियों को खुश रखना चाहती हैं, तो उन्हें अत्यधिक कामकाज के माहौल में अपने कर्मियों को तनाव मुक्त रहने में मदद करनी चाहिए।

हिंदी काव्य की नई धारा के प्रवर्तक थे सुमित्रानंदन पंत (जन्मदिन : 20 मई) (16:52)
नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)| 'छायावादी युग' के चार प्रमुख स्तंभों में से एक सुमित्रानंदन पंत हिंदी काव्य की नई धारा के प्रवर्तक थे। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', पंत और रामकुमार वर्मा जैसे कवियों का युग कहा जाता है।

अनिल माधव दवे की सादगी थी पहचान (श्रद्धांजलि) (21:19)
ऋतुपर्ण दवे
अनिल माधव दवे पर्यावरण प्रेमी, निष्काम कर्मयोगी, नर्मदा पुत्र, नदी संरक्षणवादी, चिंतक, विचारक, लेखक, शिक्षक, शौकिया पायलट, नाविक और भी न जाने कितने अलंकरण तथा नामों से पहचाने जाते थे। विडंबना यह कि कब किसने सोचा था, देर शाम तक पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रधानमंत्री के साथ गूढ़ मंत्रणा में व्यस्त दवे सुबह होते-होते चिरनिद्रा में विलीन हो जाएंगे!

बिहार में कृत्रिम गर्भाधान से बढ़ाई जाएगी गायों संख्या (20:32)
मनोज पाठक
पटना, 18 मई (आईएएनएस)| बिहार सरकार ने सड़कों पर लावारिस घूम रहे साढ़ों और नर बछड़ों की संख्या कम करने और राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृत्रिम गर्भाधान के जरिए गायों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके तहत राज्य के कुछ जिलों में विशेष कृत्रिम गर्भाधारण विधि से अधिक गायों की जन्म सुनिश्चित की जा सकेगी।

मोबाइल एप पर जनभागीदारी ने तय की राष्ट्रीय-स्वच्छता रैंकिंग (08:34)
एलिसन सल्दान्हा एवं ओजस्वी राव
आप अपने शहर में साफ-सफाई से खुश हैं और चाहते हैं कि यह बात पूरे देश के लोग जानें तो इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है अपने स्मार्टफोन पर स्वच्छता अभियान के तहत सरकार की ओर से शुरू किए गए एप को डाउनलोड करना।

अप्पूघर लौटाएगा आपका बचपन (09:01)
नई दिल्ली/गुरुग्राम, 17 मई (आईएएनएस)| एक समय था, जब चीजें आज से बिल्कुल अलग थीं। छुट्टियों में बच्चे पूरे समय खेल के मैदान और पार्क व सड़कों पर खेलते थे। अगर आपको लगता है कि ऐसा फिर से कभी नहीं हो पाएगा, तो आपके लिए सरप्राइज है! 42 एकड़ में फैला अप्पूघर का नया अवतार आपकी पुरानी यादें ताजा करने के साथ ही, देश की नई पीढ़ी के साथ नई यादें बनाने का मौका भी देता है।

साइबर आतंक का बढ़ता खतरा (19:22)
प्रभुनाथ शुक्ल
साइबर आतंक से जुड़ी एक घटना ने पूरी दुनिया को को हिलाकर रख दिया है। यह वैश्विक मुल्कों के लिए सबसे बड़े खतरे की चुनौती है। समय रहते अगर इसका समाधान नहीं खोजा गया तो यह हमारे लिए नासूर बन जाएगी। फिर भारत के लिए डिजिटल इंडिया का सपना अधूरा रह जाएगा।

कदम रसूल : तुगलकी स्थापत्य कला का नायाब नमूना (With Images) (09:03)
गौरव पटवा
बहराइच, 15 मई (आईएएनएस/आईपीएन)। सैयद सालार मसऊद गाजी के दरगाह परिसर में स्थित कदम रसूल भवन तुगलक शासन काल के स्थापत्य कला का नायाब नमूना है। दरगाह आने वाले जायरीन कदम रसूल भवन में महफूज हजरत मोहम्मद के पदचिह्नें को चूमकर ही आगे बढ़ते हैं। 750 वर्ष पूर्व इस भवन का निर्माण हुआ था।

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