फीचर


बहुत याद आएगा 'वर्दीवाला गुंडा' (08:47)
प्रभुनाथ शुक्ल
वेद प्रकाश शर्मा यानी वेद इस दुनिया में नहीं रहे। एक शख्सियत अलविदा हो गई। अब उनकी स्मृति शेष है। जिंदगी की जंग में वह हार गए। लेकिन कलम के इस योद्धा की उपलब्धियां हमारे एक पीढ़ी के बीच आज भी कायम हैं और जब तक वह पीढ़ी जिंदा रहेगी, उसे वो वदीर्वाला गुंडा बहुत याद आएगा।

राजनीति में भाषाई मर्यादाओं का सवाल (17:39)
प्रभुनाथ शुक्ल
उप्र का चुनावी मैदान राजनीतिक दलों के लिए जंग बन गया है। राजनीतिक दल और राजनेता चुनावी झोली से नित्य नए जुमले निकाल कर रहे हैं। निजी हमले भी किए जा रहे हैं और 30-35 साल पुराने गड़े मुर्दे भी उखाड़े जा रहे हैं, जिसका कोई औचित्य नहीं है। लेकिन सत्ता और सिंहासन की लालच में सब कुछ जायज है। लेकिन आम आदमी और प्रधानमंत्री के बयान में फर्क है।

उप्र की सियासत पर चढ़ा फागुनी रंग (19:16)
प्रभुनाथ शुक्ल
उप्र की चुनावी फिजा में राजनीति फगुना गई है। राजनेता से लेकर वोटर और सपोर्टर सब बसंती रंग में रंग गए हैं। सियासी पारा अपने चरम पर पहुंचने लगा है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति धमाल मचा रही है। लेकिन बेचारा मतदाता मौन है। अभी परिणाम आए नहीं कि सरकार बनाने की कवायदें शुरू हो गई हैं। कौन सत्ता संभालेगा और कौन प्रतिपक्ष में जाएगा, यह बात भी सामने आ गई है।

बुंदेलखंड के मतदाता मोदी, माया और अखिलेश से नाराज नहीं (16:30)
संदीप पौराणिक
झांसी, 16 फरवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश में चुनावी दंगल के बीच बुंदेलखंड का मतदाता पसोपेश में है, क्योंकि उसके मन में सीधे तौर पर किसी भी दल के मुखिया के खिलाफ नाराजगी नहीं है, बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख मायावती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, तीनों में खूबियां नजर आती हैं।

उप्र चुनाव : प्रतापगढ़ में प्रमोद तिवारी व राजा भैया की प्रतिष्ठा दांव पर (16:12)
विद्या शंकर राय
कुंडा (प्रतापगढ़), 16 फरवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का चरण जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, राजनीतिक दलों के बीच जोर-आजमाइश भी बढ़ती जा रही है। उप्र के प्रतापगढ़ जिले की सात विधानसभा सीटों पर इस बार चुनाव में दो दिग्गजों की परीक्षा भी हो रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी और अपनी हनक के लिए जाने जाने वाले प्रदेश सरकार के मंत्री रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' पर है।

न्याय अभी जिंदा है.. (11:28)
ऋतुपर्ण दवे
आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट का मंगलवार को आया फैसला बेहद अहम है। खासकर भ्रष्टाचार के दलदल में गोते लगाने वाले नेताओं को जहां ये गले की फांस लग रहा होगा, वहीं कई को सांप सूंघ गया होगा। लेकिन आमजनों के लिए देर से ही सही, न्याय के प्रति अगाध विश्वास जैसा है। लगभग 19 वर्षों की कानूनी पेचीदिगयों के बाद सर्वोच्च न्यायालय में प्रकरण पर अंतिम निर्णय हुआ।

गरीब बुंदेलखंड में 'लग्जरी गाड़ियां' की भरमार! (21:19)
संदीप पौराणिक
झांसी, 14 फरवरी (आईएएनएस)| देश और दुनिया में बुंदेलखंड की पहचान गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी बन गई है, इसे राजनीतिक दल और सरकारें भी स्वीकारती हैं, मगर यहां की सड़कों पर दौड़ती लग्जरी गाड़ियां बुंदेलखंड की गरीब छवि पर भारी पड़ती नजर आती हैं।

'आदर्श बेटा' बनने में नाकाम रहे अखिलेश : भूपेंद्र यादव (साक्षात्कार) (17:14)
विद्या शंकर राय
लखनऊ , 14 फरवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सियासी समर में सभी दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव को उप्र में चुनाव प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी दी है। भूपेंद्र को इस बात का बेहद दुख है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद को अपने पिता मुलायम सिंह यादव का 'आदर्श बेटा' साबित नहीं कर पाए।

उप्र चुनाव : चुनावी दंगल में जनता की चौखट पर राजघराने (11:41)
विद्या शंकर राय
लखनऊ , 14 फरवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार राजघरानों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। यूं तो देश में अब रजवाड़े नहीं रह गए हैं, लेकिन कई राजघरानों के वारिस भी चुनावी दंगल में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

मप्र में भाजपा का दामन हो रहा दागदार (08:58)
संदीप पौराणिक
भोपाल, 14 फरवरी (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन अपनों की ही कारगुजारियों से दागदार होने लगा है। सामने आ रहे एक के बाद एक मामलों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर कई मंत्रियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह बात अलग है कि संगठन और सरकार अपना पल्ला झाड़कर दामन को पाक-साफ बताने की कोशिशे कर रही है।

सद्भाव की कामना संग शुरू हुआ था वेलेंटाइन डे (21:18)
विभा वर्मा
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)| फूलों से गुलजार वसंत महीने में चारों तरफ प्यार और उल्लास का महीना होता है। वेलेंटाइन डे हर साल 14 फरवरी को मनाया जाता है। यह रोम के संत वेलेंटाइन की याद में मनाया जाता है। माना जाता है कि वह सामाजित कुरीतियों को दूर कर लोगों के बीच प्यार व सद्भाव का प्रचार-प्रसार करते थे, वह 269 ईस्वी में शहीद हो गए और 14 फरवरी 269 को वह फ्लेमेनिया में दफनाए गए। उनके अवशेष रोम के सेंट फ्रेक्स्ड चर्च और डबलिन (आयरलैंड) के स्ट्रीट कामिलेट चर्च में रखे हुए हैं।

हवा को पानी बनाता है 'आकाश अमृत' (फोटो सहित) (With Images) (11:00)
रायपुर, 13 फरवरी (आईएएनएस/वीएनएस)। 'आकाश अमृत' एक ऐसी अनोखी मशीन है जो हवा की नमी को सोखकर पानी में बदल देती है। पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ पानी की समस्या के समाधान की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम है। मैट्सोत्सव-2017 में इंवेंटिवग्रीन कंपनी द्वारा निर्मित 'आकाश अमृत' मशीन आकर्षण का केंद्र रही।

नर्मदा के लिए 'गांधी मॉडल' की जरूरत : राजगोपाल (साक्षात्कार) (09:34)
संदीप पौराणिक
भोपाल, 12 फरवरी (आईएएनएस)| एकता परिषद के संस्थापक पी.वी. राजगोपाल मध्यप्रदेश सरकार की 'नमामि देवी नर्मदे' सेवा यात्रा को नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्ति के लिए जागृति लाने का प्रयास तो मानते हैं, मगर उन्हें लगता है कि इस नदी को बचाने के लिए 'गांधी मॉडल' की जरूरत है।

वोटों की फसल काटने की होड़ (19:35)
घनश्याम भारतीय
जुताई, बुवाई से लेकर खाद-पानी की व्यवस्था में की गई जीतोड़ मेहनत का बेहतरीन परिणाम जब एक किसान देखता है तो उसका उत्साह कई गुना बढ़ जाता है। वह अपना सारा कष्ट भी लगभग भूल जाता है। कमोबेश यही स्थिति वर्तमान राजनीति की भी हो चली है।

सूफी संगीत को जिंदा रखे हुए हैं युवा : कैलाश खेर (साक्षात्कार) (With Images) (18:03)
रीतू तोमर
उदयपुर (राजस्थान), 11 फरवरी (आईएएनएस)| गायन के क्षेत्र में शुरुआती संघर्षो के बाद सफलता की बुलंदियां छू चुके प्रतिष्ठित गायक कैलाश खेर का मानना है कि बाजारीकरण के इस दौर में भी सूफी संगीत का वजूद बना हुआ है और इसकी एक बड़ी वजह युवाओं का इसके प्रति बढ़ता रुझान है।

बुंदेलखंड : 32 लाख किसानों, मजदूरों का पलायन न बन सका चुनावी मुद्दा (17:02)
आर. जयन
बांदा, 11 फरवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश के कैराना विधानसभा क्षेत्र में हिंदू मतदाताओं के कथित पलायन का मुद्दा इस चुनाव में जोर-शोर से उठाया जा रहा है, लेकिन बुंदेलखंड में कुपोषण, भुखमरी और आर्थिक तंगी की वजह से 32 लाख से ज्यादा किसानों व मजदूरों का पलायन पर किसी दल की नजर नहीं है। हो भी कैसे, नेताओं को इस पलायन और उस पलायन में फर्क करना जो आता है। उन्हें इस पलायन का मुद्दा 'वोट दिलाऊ' नहीं लगता, आखिर क्यों?

संविधान के खिलाफ है फतवों की राजनीति (09:36)
प्रभुनाथ शुक्ल
राजनीतिक लिहाज से यूपी का अलग अस्तित्व है। आम चुनावों को लेकर सभी दलों की निगाह यहां के मतदाताओं पर टिकी है। भाजपा को छोड़ सपा-कांग्रेस और बसपा मुस्लिमों को लुभाने की सारी पराकाष्ठाएं लांघती दिखती है। भाजपा ने एक भी मुसलमान को टिकट नहीं दिया है। जिस पर पार्टी के स्लोगन सबका साथ सबका विकास पर तीखी टिप्पणियां भी हुई, लेकिन उसका एक निर्धारित एजेंडा है, जिस पर चलने का फैसला किया।

स्त्रियां अब सिर्फ 'किचन' की बात नहीं करतीं : डॉ. उषा किरण खान (साक्षात्कार) (17:07)
मनोज पाठक
पटना, 10 फरवरी (आईएएनएस)| हिंदी और मैथिली की जानी-मानी लेखिका और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. उषा किरण खान का मानना है कि अब स्त्रियां सिर्फ किचन की ही बात नहीं करतीं, बल्कि उनमें साहित्य के प्रति भी अभिरुचि बढ़ी है।

स्मॉग खूबसूरती के लिए अभिशाप (19:06)
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)| स्मॉग शहरों में तेजी से बढ़ती एक ऐसी समस्या है जो हमारे स्वास्थ्य पर बहुत गहरा प्रभाव डाल रही है। इससे न सिर्फ हमारा स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि यह हमारी खूबसूरती के लिए भी अभिशाप की तरह है और थोड़ी सी भी लापरवाही से इसका हमारी त्वचा पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है।

उप्र चुनाव : चुनावी घमासान में निजी रिश्ते दांव पर (16:10)
विद्या शंकर राय
लखनऊ, 9 फरवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आपसी रिश्तों को भी 'अग्निपरीक्षा' से गुजरना पड़ेगा। उप्र विधानसभा चुनाव के इस सियासी दंगल में कहीं पति-पत्नी तो कहीं बाप-बेटे के आपसी रिश्ते दांव पर हैं।

उप्र चुनाव : सपा प्रदेश अध्यक्ष उत्तम की प्रतिष्ठा दांव पर (08:58)
फतेहपुर, 6 फरवरी (आईएएनएस/आईपीएन)। उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले की आधा दर्जन सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य नरेश उत्तम पटेल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। यह प्रदेश अध्यक्ष का यह गृह जनपद है और वह जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के लहुरी सरांय गांव के मूल निवासी हैं।

बेकार पड़ी वस्तुओं से 'एनर्जी कैफे' तैयार (फोटो सहित) (With Images) (11:53)
मनोज पाठक
पटना, 5 फरवरी (आईएएनएस)| बेकार पड़ी वस्तुओं से उपयोगी सामान बनाने की बात आपने सुनी या देखी होगी, लेकिन सरकारी कार्यालयों में अगर ऐसा देखने को मिले, तो सचमुच आश्चर्य होगा। ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है बिहार विद्युत विभाग में, जहां बेकार पड़ी वस्तुओं से एनर्जी कैफे तैयार किया गया है।

छत्तीसगढ़ के 'खजुराहो' पर अस्तित्व का संकट (फोटो सहित) (With Images) (10:51)
एकान्त प्रिय चौहान
रायपुर, 5 फरवरी (आईएएनएस)| छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से प्रसिद्ध कवर्धा स्थित प्राचीन 'भोरमदेव मंदिर' की चूहों ने हालत पतली कर दी है। चूहों के मंदिर परिसर में लगातार बिल बनाते चले जाने से इसके अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वहीं पिछले वर्ष पुरातत्व विभाग की टीम ने मंदिर परिसर का सर्वे का इसके 20.25 डिग्री तक झुकने की आशंका जताई है।

काला गाउन पहन डिग्री लेना शिक्षा का अपमान : महंत अवधेशपुरी (साक्षात्कार) (With Images) (09:37)
रमेश ठाकुर
भोपाल, 5 फरवरी (आईएएनएस/आईपीएन)। दीक्षांत समारोह में गाउन पहनने की बाध्यता न हो, इस विदेशी पंरपरा को तुरंत खत्म किया जाए। इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज बुंलद करने वाले मध्यप्रदेश के महंत डॉ. अवधेशपुरी महाराज की मांग पर केंद्र सरकार की विश्वविद्यालय समन्वय समिति ने एक कमेटी का गठन किया।

मप्र में सरकारें नहीं बांट पाई भूदान में मिली जमीन (09:23)
संदीप पौराणिक
भोपाल, 5 फरवरी (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश के गठन के बाद से कई सरकारें आईं और गईं। सभी ने अपने को बढ़-चढ़कर गरीब हिमायती बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सभी ने भूमिहीनों को भूमि देने के वादे और दावे भी किए, मगर हकीकत इससे इतर है, क्योंकि विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में मिली जमीन को ही सरकार बांट नहीं पाई है।

विशेष

और भी है

सदस्यता लें

IANS Photo
  Click here for :