फीचर


  • बुंदेलखंड में कठपुतलियां बता रहीं 'पानी की कहानी'(08:16)
    संदीप पौराणिक
    टीकमगढ़, 20 जनवरी (आईएएनएस)| देश में बुंदेलखंड की पहचान समस्याग्रस्त इलाके की बन चुकी है, सारी समस्याओं की जड़ 'पानी' है। यही कारण है कि इस इलाके में जलसंकट के निदान के लिए कई अभियान चले, मगर तस्वीर नहीं बदली। अब यहां समुदाय को इस अभियान से जोड़ने के लिए कठपुतली का सहारा लिया जा रहा है और उन्हें पानी की कहानी सुनाई जा रही है।
  • श्रृद्धांजलि : यादों में अमिट है बापू की वह महान अजेय शतकीय पारी(15:20)
    पदमपति शर्मा
    नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)| शनिवार की सुबह अखबार पढ़ रहा था। करीब साढ़े आठ बजे के आसपास का समय रहा होगा। अचानक मोबाइल घनघनाया। हमारी पत्रकारिता के गुरुजन महान संपादक पंडित विद्या भास्कर जी के खेल प्रेमी सुपुत्र गुरू भाई आनंद वर्धन ने हड़बड़ाते हुए दुखद समाचार दिया कि क्रिकेटर बापू नाडकर्णी नहीं रहे। आनंद को क्रोधजनित आश्चर्य इस बात का था कि सुबह रेडियो की हिन्दी बुलेटिन में तो इसकी संक्षिप्त सी खबर थी मगर अंग्रेजी में तो वह भी नहीं थी। उसके यहां जो अखबार आता है, उसमे भी बापू के निधन का समाचार नहीं था।
  • सिलाव के खाजे से घर बैठे हो रहा मुंह मीठा(17:29)
    मनोज पाठक
    बिहारशरीफ (बिहार), 6 जनवरी (आईएएनएस)| मिठाइयों का राजा 'खाजा' के बिना बिहार में कोई मांगलिक कार्य होने की कल्पना नहीं की जा सकती। शादी के बाद जब नई नवेली दुल्हन पिया के घर आती है, तब भी वह अपने साथ सौगात के रूप में खाजा जरूर लाती है और उस खाजे को पूरे मुहल्ले में बांटा जाता है।
  • छात्रों को चारा बना रहीं हताश अराजक ताकतें : भाजपा(23:34)
    नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)| जेएनयू में रविवार को वामदल समर्थक छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने बिना किसी का नाम लिए हुए कहा है कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों को चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • क्या 2020 में भी दर्शकों को 'लुभाने' में सफल होगा टेस्ट क्रिकेट? (फीचर)(15:10)
    जयंत के. सिंह
    नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)| केपटाउन में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका तथा सिडनी में आस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले मैचों के साथ 2020 में टेस्ट क्रिकेट का आगाज होने जा रहा है। हर नए साल के साथ एक बड़ा सवाल लोगों के जेहन में आता है और वह यह है कि फटाफट क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच क्या टेस्ट क्रिकेट लोगों को लुभाते रहने में सफल हो पाएगा?